अपना शहर चुनें

States

भारत के टॉप साइबर अधिकारी का दावा- हमने कर लिया सारा इंतजाम, बंद नहीं होगा इंटरनेट

सर टिम बर्नर्स ली ने यह माना कि ट्रंप और ब्रेग्जिट इलेक्शन्स के दौरान इंटरनेट का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया. वह मानवता को अच्छे ढंग से सर्व नहीं हुआ. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह कहा कि चुनावों में इंटरनेट से डाटा चुराने के जो मामले उभरे हैं, वे मानवता के हितकारी नहीं है.
सर टिम बर्नर्स ली ने यह माना कि ट्रंप और ब्रेग्जिट इलेक्शन्स के दौरान इंटरनेट का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया. वह मानवता को अच्छे ढंग से सर्व नहीं हुआ. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह कहा कि चुनावों में इंटरनेट से डाटा चुराने के जो मामले उभरे हैं, वे मानवता के हितकारी नहीं है.

अगले 2 दिनों तक यूजर्स को नेटवर्क कनेक्शन फेल्योर का सामना करना पड़ सकता है. इसकी वजह मेन डोमेन सर्वर और इससे जुड़े नेटवर्क इंफ्रास्ट्रकचर के कुछ समय के लिए बंद रहने को बताया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2018, 7:54 PM IST
  • Share this:
अगले 48 घंटों तक इंटरनेट सर्विसेज ठप रहने की खबर को लेकर दुनिया भर में हलचल मची है. हालांकि भारत में इंटरनेट सेक्युरिटी से जुड़े अधिकारियों ने इंटरनेट बंद होने की खबरों को खारिज किया है. नेशनल साइबर सिक्योरिटी के को-ऑर्डिनेटर गुलशन राय के मुताबिक दुनिया भर में इंटरनेट शटडाउन होने पर भी भारत में आसानी से काम होते रहेंगे. इसके लिए पहले से इंतजाम कर लिए गए हैं. ऐसे में लोगों को फिक्र करने की जरूरत नहीं है.

क्या होगा अगर दुनियाभर में ठप हो जाए इंटरनेट? 2 दिन में होगा इतने करोड़ डॉलर का नुकसान

नेशनल साइबर सिक्योरिटी को-ऑर्डिनेटर गुलशन राय के हवाले से NDTV ने बताया, 'दुनिया भर के इंटरनेट उपभोक्ताओं को अगले 48 घंटों के दौरान नेटवर्क कनेक्शन फेल्योर का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन, हमने इसकी पूरी तैयारी कर ली है. इंटरनेट बंद होने से भारत में कोई दिक्कत नहीं आएगी.'



दरअसल, Russia Today की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 2 दिनों तक यूजर्स को नेटवर्क कनेक्शन फेल्योर का सामना करना पड़ सकता है. इसकी वजह मेन डोमेन सर्वर और इससे जुड़े नेटवर्क इंफ्रास्ट्रकचर के कुछ समय के लिए बंद रहने को बताया जा रहा है.

अलर्ट! अगले दो दिन के लिए बंद हो सकता है इंटरनेट, नहीं कर पाएंगे बैंक ट्रांजेक्शन

Russia Today की रिपोर्ट के मुताबिक, 'द इंटरनेट कॉरपोरेशन ऑफ असाइन्ड एंड नंबर्स' (ICANN) इस अवधि के दौरान मेंटेनेंस से जुड़ा काम करेगी. ICANN क्रिप्टोग्राफिक की (key) को बदलेगी, जो कि इंटरनेट की एड्रेस बुक या डोमेन नेम सिस्टम (DNS) को प्रोटेक्ट करेगी. इस मेंटेनेंस के कारण पूरी दुनिया के सिर्फ 1 फीसदी यानी करीब 36 मिलियन (करीब 3.6 करोड़) लोग प्रभावित होंगे.

कम्युनिकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सुरक्षित, स्थिर और लचीले डोमेन नेम सिस्टम के लिए दुनियाभर के इंटरनेट को बंद करना जरूरी है. बयान में कहा गया कि कुछ यूजर्स को या जिन इंटरनेट यूजर्स के सर्विस प्रोवाइडर इस परिस्थिति के लिए तैयार नहीं हैं. उन्हें इंटरनेट बंद होने की समस्या झेलनी पड़ सकती है. हालांकि, इस स्थिति से उपयुक्त सिस्टम सिक्योरिटी एक्सटेंशन बनाकर बचा जा सकता है.
इंटरनेट कनेक्शन में दिक्कत आए, तो ये करें
अगर आपके लैपटॉप या कंप्यूटर पर वेबसाइट्स और वेब पेज नहीं खुल रहे हैं, तो आप अपने घर में लगे हुए राउटर को रिस्टार्ट कर सकते हैं. राउटर दोबारा चालू करने से यह सुनिश्चित होगा कि इसकी पहुंच अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा अपडेट किए गए DNS डेटा तक है. अगर इसके बाद भी वेबसाइट्स और वेब पेज नहीं खुलते हैं तो इसकी वजह यह हो सकती है कि आपकी इंटरनेट कंपनी अब भी पुराने DNS का इस्तेमाल कर रही हो.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज