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क्या है IUC जिसकी वजह से Jio ने यूज़र्स पर लगाए हैं चार्ज, जानें पूरा मामला

News18Hindi
Updated: October 10, 2019, 8:20 AM IST
क्या है IUC जिसकी वजह से Jio ने यूज़र्स पर लगाए हैं चार्ज, जानें पूरा मामला
अभी तक के सारे रिचार्ज प्लान वैसे ही रहेंगे. लेकिन 10 अक्टूबर से बाद से रिचार्ज कराने वाले को दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए एक टॉपअप रिचार्ज वाउचर भी लेना होगा.

अगर आंकड़ों की बात करें तो जियो नेटवर्क (Jio Network) पर रोज़ाना 25 से 30 करोड़ ऐसे मिस्ड कॉल्स आते हैं. इसकी वजह से पिछले तीन सालों में जियो ने 13000 करोड़ रुपये का भुगतान दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर्स को किया है.

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  • Last Updated: October 10, 2019, 8:20 AM IST
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नई दिल्ली. रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने एक प्रेस रिलीज़ जारी करके ऐलान किया है कि वह अपने ग्राहकों से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने पर 6 पैसे प्रति मिनट के हिसाब से चार्ज करेगी. वजह बताते हुए जियो ने कहा कि चूंकि ट्राई आईयूसी (IUC) के तहत 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज करती है इसलिए कंपनी अब यह चार्ज ग्राहकों से लेगी. पर ये आईयूसी क्या है जिसकी वजह से कंपनी ने ऐसा फैसला किया, आइये जानते हैं-

क्या है IUC-
आईयूसी यानी इंटरकनेक्ट यूज़ेज चार्ज (Interconnect Usage Charge) एक तरह का चार्ज होता है जो कि किसी एक नेटवर्क ऑपरेटर द्वारा दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर पर यूज़र द्वारा कॉल किए जाने की एवज में दिया जाता है. ट्राई ने इसे 6 पैसे प्रति मिनट पर फिक्स कर रखा है. अब अगर इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल में एक सिमिट्री होती है तो आईयूसी बैलेंस्ड होता है इसलिए कोई दिक्कत नहीं आती है.

क्या है परेशानी-

लेकिन भारत में स्थिति बिल्कुल अलग है. जियो के 100 फीसदी कस्टमर्स 4जी यूज़र्स है जो कि पहले दिन से ही फ्री वॉयस कॉल की सुविधा पा रहे हैं पर दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर्स के अभी भी करीब 35 करोड़ 2जी यूज़र्स हैं जिनको आउटगोइंग वॉयस कॉल के लिए भारी चार्ज देने पड़ते हैं. इसकी वजह से वे कॉल करने के बजाय मिस्ड कॉल देते हैं. ऐसे में कंपनी को आईयूसी चार्जेज के रूप में काफी बड़ी रकम चुकानी पड़ती है.

अगर आंकड़ों की बात करें तो जियो नेटवर्क पर रोज़ाना 25 से 30 करोड़ ऐसे मिस्ड कॉल्स आते हैं. इसकी वजह से पिछले तीन सालों में जियो ने 13000 करोड़ रुपये का भुगतान दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर्स को किया है.


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क्यों उठा मामला-
2011 से ही ट्राई का कहना था कि आईयूसी चार्जेज को घटाकर शून्य किया जाएगा. जिसके बाद करीब दो साल पहले 2017 में ट्राई ने कहा कि 1 जनवरी 2020 से आईयूसी को घटाकर शून्य कर दिया जाएगा. लेकिन करीब तीन महीने पहले ट्राई ने अपने इस फैसले पर फिर से विचार करने का निर्णय लिया. इसके बाद जियो ने इसकी घोषणा की.

जियो कस्टमर्स के लिए क्या होगा इसका मतलब-
अभी तक के सारे रिचार्ज प्लान वैसे ही रहेंगे. लेकिन 10 अक्टूबर से बाद से रिचार्ज कराने वाले यूज़र को दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए एक टॉपअप रिचार्ज वाउचर भी लेना होगा. जियो ने यह भी विश्वास दिलाया है कि जैसे ही ट्राई आयूसी चार्ज़ेस को खत्म कर देगा वैसे ही टॉपअप का बचा हुआ बैलेंस कस्टमर्स को वापस कर दिया जाएगा.

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First published: October 10, 2019, 7:30 AM IST
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