WhatsApp पर बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो शेयर किए जाने को लेकर IT मंत्रालय ने कंपनी को लिखा पत्र

मंत्रालय ने पत्र लिख कर वॉट्सऐप से जवाब मांगा है कि वह बाल यौन उत्पीड़न वाले वीडियोज को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं

News18Hindi
Updated: April 26, 2019, 11:14 AM IST
WhatsApp पर बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो शेयर किए जाने को लेकर IT मंत्रालय ने कंपनी को लिखा पत्र
मंत्रालय ने पत्र लिख कर वॉट्सऐप से जवाब मांगा है कि वह बाल यौन उत्पीड़न वाले वीडियोज को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं
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Updated: April 26, 2019, 11:14 AM IST
साइबर पीस फाउंडेशन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने वॉट्सऐप से सवाल पूछा है कि वो बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो को शेयर करने से रोकने के लिए क्या कर रहे हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि वॉट्सऐप हजारों ऐसे ग्रुप्स हैं जिनपर बाल यौन उत्पीड़न वाले वीडियोज शेयर किए जा रहे हैं.

सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मैसेजिंग एप को पत्र लिखकर मंच का दुरुपयोग रोकने के लिए कदम उठाने को कहा है. इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्र पीटीआई को बताया कि सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वॉट्सऐप से पूछा है कि इस समस्या से निपटने के लिए उसकी योजना क्या है. मंत्रालय ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि इस प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट कदम उठाये जाने की जरूरत है.

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वॉट्सऐप से जब ईमेल के जरिए इस बाबत पूछा गया तो उसने कुछ सामान्य प्रश्नों (एफएक्यू) से जुड़ा एक लिंक साझा कर दिया. इसमें कहा गया है कि ऐप की बाल यौन उत्पीड़न को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति है.

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कंपनी ने कहा है कि, 'हमारी नीति ऐसे यूजर्स को वॉट्सऐप पर प्रतिबंधित करने की है, जिनके बारे में यह पता चल जाता है कि वे बच्चों के शोषण एवं उनको खतरे में डालने वाले वीडियो साझा करते हैं...वॉट्सऐप के पास एक डेडिकेटेड टीम है, जिसमें कानून प्रवर्तन, ऑनलाइन सुरक्षा नीति और जांच से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं.'

ये भी पढ़ेंः ऑडी A4 कार से भी महंगी है SONY की ये टीवी, यह होंगी ख़ूबियांअब तक 2.5 लाख अकाउंट को बैन कर चुकी है कंपनी
वॉट्सऐप के अनुसार कंपनी अब ऐसे ढाई लाख अकाउंट्स को बैन कर चुकी है जिस पर उन्हें शक था कि वे बच्चों अश्लील फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. इसको लेकर वॉट्सऐप के एक प्रवक्ता भी पहले कह चुके हैं कि कंपनी लगातार सरकार के नियमों का पालन कर रही है और ऐसे लोगों को लगातार बैन किया जा रहा है.

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इस रिपोर्ट को लेकर भेजा गया पत्र
आईटी मंत्रालय ने साइबर पीस फाउंडेशन की ओर से किए गए रिसर्च को आधार मानते हुए वॉट्सैप से सवाल पूछा है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉट्सऐप भले ही ऐसे कॉन्टेंट को रोकने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहा है. इसके बावजूद भी लगातार ऐसे ग्रुप्स क्रिएट किए जा रहे हैं और सेक्सुअल कॉन्टेंट को शेयर भी किया जा रहा है.
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