Reliance JIO और Bharti Airtel में हुआ खास समझौता, जानें ग्राहकों को क्‍या होगा फायदा

रिलायंस जियो ने भारती एयरटेल से 3 सर्किल में स्‍पेक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल के अधिकार खरीद लिए हैं.

रिलायंस जियो ने भारती एयरटेल से 3 सर्किल में स्‍पेक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल के अधिकार खरीद लिए हैं.

रिलायंस जियो (Reliance JIO) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के बीच स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग एग्रीमेंट दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से जारी किए गए दिशानिर्देशों के मुताबिक किया गया है. सभी विनियामक और वैधानिक मंजूरियों के बाद ही दोनों टेलिकॉम कंपनियों (Telecom Companies) के बीच स्‍पेक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल कि लिए किया गया समझौता लागू होगा.

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मुंबई. रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (RJIL) ने भारती एयरटेल लिमिटेड (Bharti Airtel) के साथ हुए स्पेक्ट्रम-ट्रेडिंग समझौते के तहत आंध्र प्रदेश, दिल्ली और मुंबई सर्किल के 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम (Spectrum) के इस्‍तेमाल के अधिकार खरीद लिए हैं. रिलायंस जियो (Reliance JIO) 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में आंध्र प्रदेश में 3.75, दिल्ली में 1.25 और मुंबई में 2.50 मेगाहर्ट्ज अतिरिक्त स्पेक्ट्रम का इस्‍तेमाल कर अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दे सकेगी. इन तीन सर्किल्स में रिलायंस जियो के पास कुल 7.5 मेगाहर्ट्ज अतिरिक्त स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा.

सभी मंजूरियों के बाद ही लागू किया जाएगा समझौता
यह ट्रेडिंग एग्रीमेंट दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से जारी किए गए स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग (Spectrum Trading) के दिशानिर्देशों के मुताबिक किया गया है. सभी विनियामक और वैधानिक मंजूरियों के बाद ही दोनों टेलिकॉम कंपनियों (Telecom Companies) के बीच यह समझौता लागू होगा. स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए रिलायंस जियो कुल 1,497 करोड़ का भुगतान करेगा. इसमें डेफर्ड पेमेंट (Deferred Payment) के अधीन समायोजित 459 करोड़ का भुगतान शामिल है.

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रिलायंस जियो की नेटवर्क क्षमता होगी पहले से बेहतर


स्पेक्ट्रम के इस्‍तेमाल के लिए हुए इस समझौते के बाद रिलायंस जियो के पास मुंबई सर्किल के 800MHz बैंड में 2X15MHz स्पेक्ट्रम और आंध्र प्रदेश व दिल्ली सर्किल में 800MHz बैंड में 2X10MHz स्पेक्ट्रम उपलब्ध होंगे. इससे इन सर्किलों में स्पेक्ट्रम आधारित ग्राहक सेवाओं को पहले के मुकाबले ज्‍यादा मजबूत किया जा सकेगा. उम्मीद की जा रही है कि नए स्पेक्ट्रम के जुड़ने के साथ ही रिलायंस जियो का बुनियादी ढांचा और नेटवर्क क्षमता पहले से बेहतर होगी.

(डिस्केलमर:- न्यूज18 हिंदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)
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