आपके कमरे में लगे Light Bulb से बेडरूम की हर बात सुन सकते हैं हैकर्स, ऐसे कर रहे हैं जासूसी

आपके कमरे में लगे Light Bulb से बेडरूम की हर बात सुन सकते हैं हैकर्स, ऐसे कर रहे हैं जासूसी
Light Bulb के ज़रिए हैकर आपके कमरे की बातें सुन सकते हैं.

आपको जानकर हैरानी होगी कि आपके कमरे में लगा लाइट बल्ब (Light Bulb) आपके बेडरूम की सारी बातें सुन सकता है....जानें ऐसा कैसे हो रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 17, 2020, 12:51 PM IST
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स्मार्ट डिवाइसेज़ (Smart devices) के ज़रिए जासूसी की कई खबरें सामने आई हैं, लेकिन अब इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली बात पता चली है. अभी तक हमने स्मार्टफोन (Smartphone), स्मार्ट TV (SmartTV), लैपटॉप (Laptop), टैबलेट (Tablet), स्मार्ट फ्रिज (Smart fridge) या स्मार्ट माइक्रोवेव की वजह से डेटा लीक (data leak) होने के बारे में सुना है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसा करने के लिए आपके लाइट बल्ब (Light Bulb) को स्मार्ट होने की भी ज़रूरत नहीं है. जी हां आपके कमरे में लगा लाइट बल्ब आपकी जासूसी कर सकता है.

इज़रायल की बेनगुरिअन युनिवर्सिटी (BenGurion University) और वाइज़मान इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (Weizmann Institute of Science) के रिसर्चर ने एक अनोखा तरीका विकसित किया है, जिससे सिर्फ लाइट बल्ब को देखने पर कमरे की बातों को सुना जा सकता है. रिसर्चर्स ने इसे Lamphone अटैक का नाम दिया है. बताया गया कि लाइट बल्ब के वाइब्रेशन से रियल टाइम पैसिव रिकवरी साउंड के ज़रिए कम हो रही है बातचीत को 25 मीटर की दूरी से सुना जा सकती है. इस अटैक को रिमोट इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर के ज़रिए परफॉर्म किया जाता है, ताकि लाइट बल्ब के साउंड के प्रति फ्रिक्वेंसी रिस्पॉन्स को एनालाइज़ किया जा सके.

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रिसर्चर ने लाइट बल्ब से ऐसे सुनीं बातें
उन्होंने एक अल्गोरिदम बनाया है जिससे लाइट बल्ब की फ्रिक्वेंसी और वाइब्रेशन से कलेक्ट की गए ऑप्टिकल माप से साउंड को रिकवर किया जा सकता है. रिसर्चर्स ने लैंप्फोन अटैक को एक ऑफिस बिल्डिंग में टेस्ट किया. यहां पर परदों वाली दीवार और लटकने वाला 12 Watt का E27 LED Bulb मौजूद था. ध्यान रहे कि ये कोई स्मार्ट बल्ब नहीं है.

उन्होंने ब्रिज पर अलग-अलग लेंस डायमीटर (10, 20, 35cm) वाले तीन टेलीस्कोप रखे. रिसर्चर्स ने आगे बताया कि SNR जो हर टेलीस्कोप से प्राप्त ऑप्टिकल माप से प्राप्त किया गया था और माइक्रोफोन से प्राप्त ध्वनिक माप को अगले ग्राफ में प्रस्तुत किया गया. इसमें मिले गए रिजल्ट पर उन्होंने इक्वालाइज़र बनाया गया. इस टीम में बेनगुरिअन युनिवर्सिटी के Ben Nassi, Yaron Pirutin, Yuval Elovici और Boris Zadov नाम के रिसर्चर और  वाइज़मान इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस के Negev और Adi Shamir शामिल हैं.

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ये तरीका इतना सटीक है कि पायी गई आवाज़ को ऑडियो डिस्कवरी ऐप जैसे शाज़म में प्ले किया गया. शाज़म एक ऐसी ऐप है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ज़रिए म्युज़िक ट्रैक को समझ लेती है और सिर्फ म्युज़िक से गाने को पहचान लेती है.
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