Elena Cornaro Piscopia: गूगल डूडल - मजदूर की बेटी 'एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया' बनी दुनिया की पहली डॉक्टरेट

Elena Cornaro Piscopia, Google Doodle: सर्च इंजन गूगल ने बुधवार को दुनिया की पहली पीएचडी धारक महिला 'एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया' की 373वें जन्मदिन के मौके पर खास तरह का डूडल समर्पित किया है. Elena Cornaro Piscopia: गूगल डूडल - मजदूर की बेटी 'एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया' बनी दुनिया की पहली डॉक्टरेट

News18Hindi
Updated: June 5, 2019, 10:12 PM IST
Elena Cornaro Piscopia: गूगल डूडल - मजदूर की बेटी 'एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया' बनी दुनिया की पहली डॉक्टरेट
Elena Cornaro Piscopia, Google Doodle: सर्च इंजन गूगल ने बुधवार को दुनिया की पहली पीएचडी धारक महिला एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया की 373वें जन्मदिन के मौके पर खास तरह का डूडल समर्पित किया है. Elena Cornaro Piscopia: गूगल डूडल - मजदूर की बेटी एलेना कोर्नारो पिस्कोपिया बनी दुनिया की पहली डॉक्टरेट
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Updated: June 5, 2019, 10:12 PM IST
सर्च इंजन गूगल (Google) ने बुधवार को दुनिया की पहली पीएचडी (PhD) धारक महिला एलेना कॉर्नारो पिस्कोपिया की 373वें जन्मदिन के मौके पर खास तरह का डूडल समर्पित किया है. इटली में जन्मीं एलेना कॉर्नारो एक महान दार्शिनिक थीं. उनका जन्म 5 जून 1646 में हुआ था. एलेना कॉर्नारो पिस्कोपिय उस समय में पीएच.डी. डिग्री प्राप्त कर ली जब महिलाएं कम पढ़ी लिखी हुआ करती थीं. एलेना के पिता का नाम जियानबेटिस्ता कॉर्नारो था. इनकी माता का नाम जानेटा बोनी था. इन्होंने अपने जीवन के अंतिम 7 साल शिक्षा और चैरिटी के नाम को समर्पित कर दिया. इनकी मृत्यु 26 जुलाई 1684 में हुआ.

काफी संघर्ष में रहा शुरुआती जीवन
एलेना का शुरुआती जीवन काफी संघर्ष में रहा है. उनको दो वक्त के खाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी. उनकी मां खेती करती थीं और भुखमरी से बचने के लिए वो काफी मेहनत करती थीं. जिसके बाद उनकी मां बड़े शहर चली गईं और वहां काम करने लगीं.

बहुभाषी थी एलेना

पढाई में तेज और प्रतिभा की धनी एलेना ने केवल 7 साल की उम्र में लेटिन, ग्रीक, फ्रेंच और स्पेनिश सीख ली थी. इसके बाद वे हर्ब्रू और अरबी में भी पडांगत हुई तो उनको 'ओराकुलम सेप्टिलिंगु' की उपाधि मिली. गणित, फिलॉस्फी और रिलीजन के अलावा वे संगीत में भी काफी दिलचस्पी रखती थीं. एलेना एक दो नहीं बल्की कई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना जानती थीं.

32 की उम्र में पीएचडी की
एलेना ने एक विश्वविद्यालय में थियोलॉजी में डॉक्टरेट के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि चर्च के अधिकारी एक महिला को ये अधिकार नहीं देना चाहते थे. पिस्कोपिया ने 32 की उम्र में पीएचडी डिग्री हासिल की. उन्हें 1678 में पीएचडी डिग्री मिली.
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First published: June 5, 2019, 6:31 PM IST
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