बेकार हैं आपके फोन में इंस्टॉल ऐंटीवायरस, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

रिसर्चर्स ने 250 ऐंटीवायरस ऐप्स पर टेस्टिंग की जिसमें से ज्यादातर बेकार निकले

News18Hindi
Updated: March 17, 2019, 10:11 AM IST
बेकार हैं आपके फोन में इंस्टॉल ऐंटीवायरस, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
प्रतीकात्मक फोटो
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Updated: March 17, 2019, 10:11 AM IST
अपने फोन को सेफ रखने और वायरस से बचाने के लिए लोग ऐंटीवायरस और ऐंटी मैलवेयर को इंस्टॉल करते हैं जिससे उनका फोन सेफ रह सके. ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल करने वालों की संख्या करोड़ो में है लेकिन एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद ज्यादातर ऐंटीवायरस और ऐंटी मैलवेयर ऐप्स बेकार है और उनपर भरोसा नहीं किया जा सकता है. यह रिपोर्ट ऑस्ट्रिया की ऐंटीवायरस टेस्टिंग कंपनी AV-Comparatives की ओर से पेश किया गया है.

250 ऐप्स पर हुआ सर्वे
रिपोर्ट के अनुसार AV-Comparatives ने गूगल प्लेस्टोर पर ऐंटीवायरस ऐप्स ऑफर करने वाले 138 वेंडर्स को चुना था. इसमें से कंपनी ने करीब 250 ऐंटीवायरस ऐप्स का सर्वे किया जिसमें से टेस्ट के दौरान 80 ऐप्स ही उनपर 2000 खतरनाक ऐप्स में से 30 प्रतिशत से ज्यादा को डिटेक्ट कर सकीं. हालांकि इन 80 ऐप्स में से ज्यादातर का फॉल्स अलार्म रेट भी हाई देखने को मिला यानी बिना किसी परेशानी के उनकी ओर से वॉर्निंग दी गई.

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कई पॉपुलर ऐप्स किए गए टेस्ट


चुने गए ऐप्स की लिस्ट में कई पॉपुलर ऐंटीवायरस ऐप्स जैसे अवास्ट, एवीजी. बिटडिफेंडर, चीता मोबाइल, डीयू टेस्टर, ईएसईटी, फाल्कन सिक्यॉरिटी लैब, एफ-सिक्योर, गूगल प्ले प्रोटेक्ट, मैलवेयर बाइट्स, मैकअफी, सिमैन्टेक और वीएसएआर जैसे नाम भी शामिल थे. खबरों के अनुसार रिसर्चर्स ने किसी इम्युलेटर का इस्तेमाल करने के बजाय सिलेक्ट किए गए 250 ऐप्स को मैनुअली टेस्ट किया. उन्होंने ऐप्स को डिवाइस में इंस्टॉल किया और फिर ब्राउजर में जाकर मैलिशियस (खतरनाक) ऐप को इंस्टॉल करने का प्रयास किया.

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2,000 बार इस टेस्टिंग प्रोसेस को दोहराया गया और पूरी रिसर्च के दौरान पाया गया कि ज्यादातर ऐप्स ने कोई वायरस और मैलवेयर डिटेक्ट नहीं किया लेकिन मैलिशियस ऐप्स को ब्लॉक कर दिया. कई ऐप्स ऐसी भी रहीं जिन्होंने पुराने मैलवेयर सैंपल्स डिटेक्ट किए लेकिन 'वाइटलिस्ट' के चलते इसे डिटेक्ट या ब्लॉक नहीं किया. कई ऐप्स ने खुद को ही मैलिशस ऐप की तरह दिखाया क्योंकि डेवेलपर्स ने उनका खुद का पैकेज वाइट लिस्ट में नहीं डाला था.

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