FB और Twitter से मन भर गया है तो NammApp पर मिलेगा नया अनुभव

खास तौर से कन्नड़िग यानी कन्नड़भाषियों के लिए बनाए गए इस एप का इस्तेमाल करने के लिए अपनी पहचान देने की जरूरत नहीं है. पहचान संबंधी बिना किसी सूचना को साझा किए इस एप पर अकाउंट खोला जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 9:13 PM IST
FB और Twitter से मन भर गया है तो NammApp पर मिलेगा नया अनुभव
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: July 12, 2018, 9:13 PM IST
(शरत शर्मा कालगुरु)

फेसबुक और ट्विटर से ऊब चुके कन्नड़भाषियों के लिए एक खुशखबरी है. मैसूर के दो टेक विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर इस्तेमाल होने वाला नम्मऐप डेवलप किया है. दोनों का कहना है कि अब तक इस ऐप को 46 देशों में लॉन्च किया जा चुका है.

खास तौर से कन्नड़िग यानी कन्नड़भाषियों के लिए बनाए गए इस ऐप का इस्तेमाल करने के लिए अपनी पहचान देने की जरूरत नहीं है. पहचान संबंधी बिना किसी सूचना को साझा किए इस ऐप पर अकाउंट खोला जा सकता है. इसका मकसद है ‘सभी तक पहुंचे, गुमनाम रहकर चर्चा करें.’ यहीं इस ऐप की टैगलाइन भी है.

सोशल मीडिया में इन दिनों बिना सिर-पैर की चर्चा और तरह-तरह की फर्जी सूचनाएं भी देखने को मिल रही हैं. नम्मऐप की डेवलपर किरन के मुताबिक उनका ऐप इसे रोकने में मददगार होगा. न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस समय बहुत से लोग इन सोशल प्लेटफॉर्म की वजह से परेशान हैं. वे इससे निजात पाना चाहते हैं.

किरन का कहना है, "हमारा ऐप लोगों को स्वस्थ चर्चा करने में मदद करेगा. इसमें किसी तरह की कोई फर्जी बात नहीं होगी. हमारे लिए यूजर की पहचान अहम नहीं है, बल्कि हमारे नेटवर्क में हेल्दी चर्चा होनी जरूरी है, जिससे शख्सियत का हर तरह से विकास हो."

इस ऐप का इस्तेमाल सिर्फ कन्नड़ भाषा में ही किया जा सकता है. इसे बनाया ही कन्नड़भाषियों के लिए गया है. डेवलपर किरन आईआईटी से ग्रेजुएट हैं और दुनियाभर में घूमी हैं. सबके बाद उन्होंने अपनी जन्मभूमि और भाषा के लिए कुछ करने के लिए इस ऐप को डेवलप किया.

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इसमें सोशल क्या है?
नम्मऐप को प्लेस्टोर से डाउनलोड करके इंस्टॉल किया जा सकता है. ट्विटर और फेसबुक सेलिब्रेटी को ज्यादा अहमियत देते हैं. इन प्लेटफार्म पर दोस्तों के बीच दिखावा भी खूब होता है. इसमें इस्तेमाल करने वाले की मूल पहचान जरूरी होती है, लिहाजा इस्तेमाल करने वाले को सीधे निशाना बनाया जा सकता है. फोटो से छेड़छाड़ के मामले भी सामने आते हैं. व्यक्तिगत सूचनाओं का प्रयोग-दुरुपयोग की खबरें रोज आती हैं. जबकि नम्मऐप पूरी तरह सुरक्षित है. किसी को अपनी पहचान देनी ही नहीं है. लिहाजा किसी की कोई सूचना ली ही नहीं जा सकती.

अगर आपको सेल्फी भेजने का शौक है तो इस ऐप से आपको निराशा होगी. नम्मऐप में सेल्फी की इजाजत नहीं है, क्योंकि इससे पहचान जाहिर हो सकती है. इस ऐप पर हर तरह के पोस्ट भेजे जा सकते हैं, लेकिन यूजर को पहले कैटेगरी चुननी होगी. इस एप्लिकेशन में सेहत, खेल, कला, फिल्म प्रेम, मौज जैसे तमाम केटेगिरी हैं. नेटवर्क में मौजूद हर व्यक्ति सभी के पोस्ट पढ़ सकते हैं.

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इसमें फेसबुक के लाइक और अनलाइक जैसी व्यवस्था भी है. नम्मऐप में आप अपवोट या डाउनवोट कर सकते हैं. जो ज्यादा वोट पाएगा साइट पर उसकी पोस्ट ऊपर रहेगी. नम्मऐप 100 या उससे ज्यादा अपवोट पाने वाले को टी-शर्ट भी गिफ्ट में देगी.

किरन के मुताबिक, ‘ऐपलांच करते समय हम थोड़ा नर्वस थे. हमे अपने प्लेटफॉर्म के मिसयूज होने का भी डर था. लेकिन अभी तक हमे अच्छी प्रतिक्रिया मिली है." ऐप मुफ्त में प्लेस्टोर पर है.”
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