आपके कंप्यूटर पर सरकार रखती है नज़र, जानें क्या है पूरा मामला

इंटेलिजेंस ब्यूरो से लेकर NIA तक दस केंद्रीय एजेंसियां किसी भी कंप्यूटर में मौजूद, रिसीव और स्टोर किए गए डेटा समेत किसी भी तरह की जानकारी हासिल कर सकती हैं.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 11:52 AM IST
आपके कंप्यूटर पर सरकार रखती है नज़र, जानें क्या है पूरा मामला
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Updated: July 2, 2019, 11:52 AM IST
कंप्यूटर निगरानी मामला: 10 एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर की निगरानी और डेटा की जांच का अधिकार दिए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है. याचिकाओं में सरकार के आदेश को मनमाना बताया गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार निजता के मौलिक अधिकार का हनन कर रही है.

साल 2018 दिसंबर में गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए 10 एजेंसियों को यह अधिकार दिया था कि वे किसी भी कंप्यूटर के डेटा को चेक कर सकती हैं. इसके अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो से लेकर NIA तक दस केंद्रीय एजेंसियां किसी भी कंप्यूटर में मौजूद, रिसीव और स्टोर किए गए डेटा समेत किसी भी तरह की जानकारी हासिल कर सकती हैं.

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर कर इसे चुनौती दी गई थी. इसमें एडवोकेट एमएल शर्मा की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया है था कि सरकार की ओर से जारी किया गया आदेश लोगों की निजता का उल्लंघन है.  (ये भी पढ़ें- सैमसंग टैब में लगी आग, फोन चार्ज करते हुए आप भी तो नहीं कर रहें हैं ये 10 गलती, फट सकता है फोन)



सरकार ने अपने आदेश को सही ठहराते हुए कहा था कि कंप्यूटर और फोन पर मेल, मैसेज, डेटा इंटरसेप्ट करने के लिए एजेंसियों को कोई ब्लैंकेट परमिशन नहीं है. इसको लेकर सरकार ने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक के मद्देनजर आईटी अधिनियम के तहत शक्तियां आवश्यक है क्योंकि अब डेटा को एनक्रिप्टेड (जिसे कोई नहीं पढ़ सकता) फॉर्म में भेजा जा रहा है. इसके अलावा निजता के अधिकार की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा कानून मौजूद हैं और इसकी मदद से अपराधों का पता लगाया जा सकेगा. (ये भी पढ़ें- जिस खास फीचर के लिए जाना जाता है Whatsapp, वो जल्द हो सकता है बंद!)



फाइल फोटोगृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिन 10 एजेंसियों के पास अधिकार है:
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  1. इंटेलिजेंस ब्यूरो

  2. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो

  3. प्रवर्तन निदेशालय

  4. सेंट्रल टैक्स बोर्ड

  5. राजस्व खुफिया निदेशालय

  6. केंद्रीय जांच ब्यूरो

  7. राष्ट्रीय जांच एजेंसी

  8. कैबिनेट सचिवालय (आर एंड एडब्ल्यू)

  9. डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस (जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और आसाम के क्षेत्रों में)

  10. पुलिस आयुक्त, दिल्ली

First published: July 2, 2019, 11:39 AM IST
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