नोएडा की छात्राओं ने बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए बनाया ऐप, अमेरिका में जीता मेडल

इस ऐप के ज़रिए अनाथालय व वृद्धाश्रमों को आपस में जोड़कर बच्चों एवं बुजुर्गों को आपस में साथ समय बिताने का मौका मिलेगा.

News18Hindi
Updated: August 28, 2019, 11:37 AM IST
नोएडा की छात्राओं ने बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए बनाया ऐप, अमेरिका में जीता मेडल
इस ऐप के ज़रिए अनाथालय व वृद्धाश्रमों को आपस में जोड़कर बच्चों एवं बुजुर्गों को आपस में साथ समय बिताने का मौका मिलेगा.
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Updated: August 28, 2019, 11:37 AM IST
अक्सर हम देखते हैं कि हमारे समाज में बुज़ुर्ग लोग अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं, वहीं दूसरी ओर अनाथालय में मौजूद बच्चे को भी उतना प्यार अक्सर नहीं मिल पाता जितनी उनको ज़रूरत होती है. इसी समस्या का हल ढूंढते हुए नोएडा के एक स्कूल की पांच छात्राओं ने अनाथालय एवं वृद्ध आश्रमों को आपस मे जोड़ने के लिए एक ऐप बनाया है. इस ऐप का नाम मैत्री है.

इस ऐप के ज़रिए अनाथालय व वृद्धाश्रमों को आपस में जोड़कर बच्चों एवं बुजुर्गों को आपस में साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. इसके अलावा यह ऐप हर व्यक्ति को अनाथालय व वृद्ध आश्रम में वक्त, पैसा व दूसरे सामान उपलब्ध कराने के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म भी साबित होगा. नोएडा के सेक्टर 44 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने यह ऐप बनाया है . (WhatsApp के बाद Facebook लाने वाला है नया मैसेजिंग ऐप)

एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की अध्यक्ष अमिता चौहान ने बताया कि आज के समय में अनाथालय व वृद्धाश्रम में बच्चे और बुजुर्ग अकेलेपन का शिकार हैं इसलिए ऐसे में छात्राओं द्वारा बनाया गया मैत्री ऐप उन सभी के लिए सहायक होगा. उन्होंने कहा कि इस ऐप से जहां बुजुर्गों को बच्चों का सहारा और प्यार मिलेगा वहीं बच्चों को भी बुजुर्गों से जिंदगी को सही तरीके से जीने की सीख मिलेगी.

अमिता चौहान ने कहा कि स्कूल की छात्रा अनन्या ग्रोवर, वंशिका यादव, वसुधा, अनुष्का शर्मा एवं अरेफा द्वारा बनाये गये मैत्री ऐप की मदद से आम लोग भी अनाथ बच्चों एवं बुजुर्गों की मदद कर सकेंगे.

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First published: August 28, 2019, 11:37 AM IST
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