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आपके ऑनलाइन वीडियो देखने से जलवायु को हो रहा है बड़ा नुकसान


Updated: October 30, 2019, 12:53 PM IST
आपके ऑनलाइन वीडियो देखने से जलवायु को हो रहा है बड़ा नुकसान
4K रिज़ॉल्यूशन वाली स्क्रीन हाई-डेफिनिशन स्क्रीन की तुलना में लगभग 30% अधिक ऊर्जा का उपयोग करती हैं

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स (Netflix), अमेजन प्राइम (Amazon Prime) और हॉटस्टार (Hotstar) के जरिए आप जितनी बार चाहें अपनी पसंदीदा फिल्म या सीरियल (Favorite movie) देख सकते है. इसे बिंज वॉचिंग (Binge Watching) कहा जाता है.

  • Last Updated: October 30, 2019, 12:53 PM IST
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पेरिस. बहुत पुरानी बात नहीं है जब मूवी देखने के लिए आपको हॉल तक जाना होता था. पहले अगर आपको घर पर अपनी मनपसंद फिल्म देखनी हो तो वीडियो पार्लर से किराये पर मूवी की कैसेट या सीडी लानी होती थी. लेकिन अब मूवी देखने की कोई लिमिट नहीं है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स (Netflix), अमेजन प्राइम (Amazon Prime) और हॉटस्टार (Hotstar) के जरिए आप जितनी बार चाहें अपनी पसंदीदा फिल्म या सीरियल (Favorite movie) देख सकते है. इसे बिंज वॉचिंग (Binge Watching) कहा जाता है. लेकिन क्या आपको मालूम है कि इसकी कीमत  किसे चुकानी पड़ रही है. विशेषज्ञों की माने तो ऑनलाइन वीडियो (Online Video) देखने का बढ़ता चलन जलवायु के लिए खतरा बन गया है.

विशेषज्ञों ने चेताया है ऑनलाइन वीडियो देखना जितना आसान है इसकी कीमत भी उतनी ही भारी चुकानी पड़ रही है. आधे घण्टे के शो को देखने में 1.6 किलोग्राम कार्बनडाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है. फ्रेंच थिंक टैंक शिफ्ट प्रोजेक्ट के मैक्सिम इफौई-हेस के मुताबिक इतना कार्बन 6.28 किलोमीटर ड्राइविंग के बराबर है. पिछले साल ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग ने स्पेन के बराबर कार्बन उत्सर्जन किया. शिफ्ट प्रोजेक्ट के अनुसार, अगले छह वर्षों में यह दोगुना हो सकता है.

डेटा सेंटर से निकलती है गर्मी

ऐसा तब है जब ऑनलाइन स्ट्रीमिंग का 34 फीसदी नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और हुलु पर हो रही है. ऑनलाइन पोर्न वीडियो का हिस्सा भी कम नहीं है. आईटी सेक्टर की ऊर्जा दोहन पर नजर रखने वाली संस्था ग्रीनपीस के गैरी कुक का कहना है कि डिजिटल वीडियो बहुत बड़े आकार की फाइल में आते हैं. वीडियो की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ इनका आकार भी बड़ा होता जा रहा है.

स्ट्रीमिंग सेवाओं के लिए आवश्यक अधिकांश ऊर्जा का उपयोग डेटा सेंटर द्वारा किया जाता है, जो आपके कंप्यूटर या डिवाइस को डेटा डिलीवर करता है. नेचर पत्रिका में छपे एक लेख के मुताबिक ऐसे डेटा सेंटर दुनिया भर के कार्बनडाइऑक्साइड उत्सर्जन में 0.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं. जो वक्त से साथ और अधिक बढ़ने की आशंका है.

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नेटफ्लिक्स ने 2017 और 2018 के बीच स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय राजस्व में 53% की वृद्धि की


अमेरिकी ऊर्जा विभाग के डेटा सेंटर विशेषज्ञ डेल सर्टर ने का दावा है कि अगले 10 साल तक ऊर्जा की खपत जस की तस रखने के लिए आईटी और डेटा सेंटर के उपकरण में सुधार करना बेहह जरूरी है. ऐसा नहीं हुआ तो ऑनलाइन खपत की हमारी भूख को कम करना होगा.
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हुआवेई टेक्नोलॉजीज 2030 तक वैश्विक बिजली के 4.1 फीसदी हिस्से का उपयोग कर रहा होगा. नेटफ्लिक्स ने 2017 और 2018 के बीच स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय राजस्व में 53% की वृद्धि की. डिज्नी और एप्पल इस साल अपनी खुद की स्ट्रीमिंग सेवाएं शुरू करने जा रहे हैं.

इस बीच, वीडियो देखने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है. कंस्युमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के अनुसार, उम्मीद के मुताबिक औसत स्क्रीन साइज़ 1997 में 22 इंच (55 सेंटीमीटर) से बढ़कर 2021 तक 50 इंच हो गया है. नेचुरल रिसोर्स डेफेंस काउंसिलकी एक रिपोर्ट के अनुसार, 4K रिज़ॉल्यूशन वाली स्क्रीन हाई-डेफिनिशन स्क्रीन की तुलना में लगभग 30% अधिक ऊर्जा का उपयोग करती हैं.

विशेषज्ञ ऑटोप्ले को डिसेबल करके लो डेफिनिशन में वाय-फाय पर वीडियो देखने की सलाह देते हैं.  सबसे खराब स्थिति मोबाइल डिवाइस पर 3जी कनेक्शन में  वीडियो देखने से होती है.

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First published: October 30, 2019, 12:12 PM IST
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