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Oppo और OnePlus को बड़ा झटका! जर्मनी में दोनों कंपनियों के फोन हुए बैन

जर्मनी में बैन हुए Oppoऔर OnePlus

जर्मनी में बैन हुए Oppoऔर OnePlus

पेटेंट उल्लंघन मामले में मैनहेम रीजनल कोर्ट ने ओप्पो के खिलाफ चल रहे पेटेंट विवाद में Nokia के पक्ष में फैसला सुनाया है ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. Oppo को जर्मनी में बड़ा कानूनी झटका लगा है. Nokiamob.net की एक रिपोर्ट के अनुसार मैनहेम रीजनल कोर्ट ने ओप्पो के साथ अपने हालिया पेटेंट विवाद के खिलाफ Nokia के पक्ष में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने यह फैसला Nokia की ओर से Oppo और OnePlus के खिलाफ दायर दो मुकदमों में दिया है. यह केस पेटेंट उल्लंघन मामले से संबधित है. फिलहाल ओप्पो और वनप्लस दोनों ही जर्मनी में अपने डिवाइस नहीं बेच सकेंगी.

साल 2021 में फिनलैंड स्थित स्मार्टफोन ब्रांड Nokia ने Oppo के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन संबंधित केस फाइल किया था. नोकिया ने चीनी स्मार्टफोन दिग्गज पर 2021 में चार अलग-अलग देशों में मुकदमा दायर किया था. ओप्पो के खिलाफ पेटेंट विवाद में नोकिया की यह पहली जीत है.

क्या Oppo और Oneplus फोन जर्मनी में स्थाई रूप से बैन हो गए हैं?
नोकिया ने ओप्पो के खिलाफ पेटेंट विवाद में अपनी पहली जीत हासिल की है. फिलहाल ओप्पो और उसके सहयोगी ब्रांड वनप्लस अब जर्मनी में मोबाइल नहीं बेच सकेंगे, जो नोकिया के यूरोपीय पेटेंट EP 17 04 731 का उल्लंघन करते हैं. हालांकि ब्रांड पर परमानेंट बैन नहीं लगाया गया है.

क्या है मामला?
पेटेंट कथित तौर पर वाईफाई कनेक्शन को स्कैन करने की तकनीक को प्रोटेक्ट करता है. दरअसल, जुलाई 2021 में नोकिया ने भारत, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित एशिया और यूरोप के कई देशों में ओप्पो के खिलाफ कई पेटेंट उल्लंघन के मुकदमे दायर किए थे. मुकदमे में ओप्पो पर अपने डिवाइस में वैध लाइसेंस के बिना पेटेंट नोकिया टेक्नोलॉजी का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है.

2018 में हुई थी डील
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार मुकदमे में दावा किया गया है कि ओप्पो नोकिया के स्टेंडर्ड- इसेन्शल पेटेंट (SEPs) और UI/UX जैसे नॉन-एसईपी और बिना लाइसेंस के सिक्योरिटी फीचर्स का उपयोग कर रहा है. दोनों कंपनियों के बीच पिछले पेटेंट लाइसेंसिंग डील को रेन्यू नहीं होने के बाद मुकदमा दायर किया गया था. बता दें कि ओप्पो और नोकिया ने नवंबर 2018 में एक समझौता किया था जो जून 2021 में समाप्त हो गया था.

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नोकिया का बयान
नोकिया का कहना है कि ओप्पो ने उसके निष्पक्ष और उचित प्रस्ताव को खारिज कर दिया. हम ओप्पो के साथ अपने पेटेंट लाइसेंसिंग समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से, उन्होंने हमारे प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है. इसके बाद हमारे पास केस फाइल करना ही अंतिम उपाय रह गया. हमने मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए स्वतंत्र और न्यूट्रल बातचीत की पेशकश की है.

ओप्पो का जवाब
वहीं, दूसरी ओर Oppo ने मुकदमे को “चौंकाने वाला” करार दिया और नोकिया के खिलाफ काउंटर मुकदमे दायर किए है. कंपनी ने जवाब देते हुए ओप्पो ने कहा कि Oppo अपने और थर्ड पार्टी इन्टलेक्चूअल प्रॉपर्टी राइट्स का सम्मान करता है, उनकी रक्षा करता है और कारोबार के लिए पेटेंट लाइसेंसिंग सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है.

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अन्य कंपनियों पर भी नोकिया ने किए केस
बता दें कि ओप्पो अकेली कंपनी नहीं है, जिस पर नोकिया ने केस किया हो, इसके अलावा Nokia ने Apple और Lenovo सहित कई कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया मई 2017 में, Apple ने पेटेंट मुकदमे को निपटाने के लिए Nokia को 2 बिलियन डॉलर का भुगतान किया. नोकिया ने ऐप्पल पर नोकिया के कुछ पेटेंटों के साथ-साथ NSN और अल्काटेल-ल्यूसेंट, नोकिया के स्वामित्व वाली कंपनियों के पेटेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.

हालांकि, दोनों कंपनियों ने अपने विवाद को जल्दी से सुलझा लिया और अब कई तकनीकों पर सहयोग करती हैं. इतना ही नहीं नोकिया ने अमेरिका, ब्राजील, भारत और जर्मनी में भी लेनोवो के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया था. यह केस लगभग एक साल तक चला और आखिरकार दोनों कंपनियों ने अप्रैल 2022 में इसे सुलझा लिया.

Tags: Nokia, Oneplus, Oppo, Tech news, Tech News in hindi

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