आपके WhatsApp, Facebook और गूगल की सारी डिटेल पर तांक-झांक करता है नया वायरस!

Pegasus एक ऐसा पावरफुल टूल है जो किसी भी यूजर के क्लाउड बेस्ड अकाउंट को ऐक्सेस कर सकता है... जानें पूरी डिटेल

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 8:14 AM IST
आपके WhatsApp, Facebook और गूगल की सारी डिटेल पर तांक-झांक करता है नया वायरस!
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Updated: July 23, 2019, 8:14 AM IST
हैकिंग-डेटा लीक को लेकर आए दिन कई खबरें सामने आती रहती हैं. इस साल मई में वॉट्सऐप में Pegasus (पिगासस)  नाम के मालवेयर(virus) होने की खबर आई थी, जिससे फोन को ट्रैक करके उसमें मौजूद किसी भी डेटा को आसानी चुराया जा रहा था.  इस वायरस या स्पाईवेयर को इजरायल की एक सायबर इंटेलीजेंस कंपनी NSO ग्रुप ने बनाया है. Financial Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अब इसका अपडेटेड वर्जन पेश किया है, जो कि बहुत खतरनाक है. कंपनी का ये टूल एक ऐसा पावरफुल टूल है जो किसी भी यूजर के क्लाउड बेस्ड अकाउंट को  ऐक्सेस कर सकता है.

जानकारी के मुताबिक ये यूज़र के गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न पर स्टोर सारे डेटा को चोरी कर सकता है. इतना ही नहीं ये Apple iCloud को भी हैक कर सकता है. इस तरह यूजर का लोकेशन डेटा, आर्काइव्ड मैसेज और फोटोज भी खतरे में पड़ सकते हैं. (ये भी पढ़ें- WhatsApp की प्राइवेट Chats को आसानी से छुपा सकते हैं आप, किसी को नहीं चलेगा पता)



ये Pegasus नाम का Spyware  इतना खतरनाक है कि ऑथेन्टिकेशन की इनवैलिड होने के बावजूद ये यूजर अकाउंट्स प्रभावित करना जारी रखता है. रिपोर्ट के मुताबिक ये कंपनी इस तरह के सॉफ्टवेयर एजेंसियों के लिए तैयार करती है, जिसमें सरकरी एजेंसियां भी शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल के शुरुआत में Uganda के लिए कंपनी ने एक पेपर तैयार किया था जिसमें Pegasus का जिक्र है.

ये सॉफ्टवेयर या टूल Android और iPhone दोनों में ही काम करता है. रिपोर्ट के मुताबिक यह टूल लैपटॉप, टैबलेट या स्मार्टफोन से अपलोड किए गए क्लाउड डेटा को ऐक्सेस करता है. अगर इस सॉफ्टवेयर को टार्गेट स्मार्टफोन से हटा दिया जाएग फिर भी ये काम करना जारी रखता है. (ये भी पढ़ें- DMRC ने क्यों कहा- ‘बलिदान देना होगा’, सोशल मीडिया पर ट्वीट वायरल)



NSO ने दी सफाई
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कंपनी ने अपनी सफाई में कहा, 'आज के समय में बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ आतंकवादी और अपराधी अपने अपराधों की योजना बनाने और उन्हें छुपाने के लिए एनक्रिप्टेड टेक्नॉलजी का सहारा ले रहे हैं. ऐसे लोग खुफिया और कानूनी एजेंसियों को अंधेरे में रखकर लोगों की और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं. NSO के वैध इंटरसेप्शन प्रॉडक्ट्स इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार किए गए हैं.' एनएसओ ग्रुप का कहना है कि उसके पास क्लाइंट्स के लिए एक स्क्रीनिंग प्रोसेस है, जिसे वह सिर्फ आतंकवाद या आपराधिक जांच करने के लिए जिम्मेदार सरकारों को ही बेचता है.
First published: July 23, 2019, 8:12 AM IST
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