Lockdown 2.0: PM मोदी ने कहा-ज़रूर डाउनलोड करें Aarogya Setu App, जानें कैसे करता है काम

Lockdown 2.0: PM मोदी ने कहा-ज़रूर डाउनलोड करें Aarogya Setu App, जानें कैसे करता है काम
प्रधानमंत्री मोदी ने चौथी ज़रूरी बात में Aarogya Setu ऐप डाउनलोड करने को कहा है.

PM ने अपनी 7 बड़ी बातों में आरोग्य सेतु ऐप का जिक्र किया है और कहा, ‘कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल App जरूर डाउनलोड करें. साथ ही दूसरों को भी इस App को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें’.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2020, 11:21 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते राष्ट्रीय लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया है. PM ने अपनी 7 बड़ी बातों में आरोग्य सेतु ऐप का भी जिक्र किया है. 7 बातों में से प्रधानमंत्री ने चौथी ज़रूरी बात में कहा- ‘कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल App जरूर डाउनलोड करें. साथ ही दूसरों को भी इस App को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें.'

आइए जानते हैं कि Aarogya Setu ऐप की खासियत और कैसे आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं...

क्या है Aarogya Setu App
इस ऐप में GPS सिस्टम और ब्लूटूथ के ज़रिए कोरोना वायरस के संक्रमण से संबंधित मामलों का पता लगाने की सुविधा है. आजकल हर स्मार्टफोन में GPS सिस्टम और ब्लूटूथ सिस्टम होता ही है. सेंट्रल गवर्नमेंट स्मार्टफोन की इन सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए ये पता लगा सकती है कि क्या कोई व्यक्ति COVID-19 पेशेंट के करीब रह रहा है.




ऐसे करें अपने फोन में डाउनलोड
>>इस ऐप को एंड्रॉयड और आइफोन दोनो स्‍मार्टफोन पर डाउनलोड किया जा सकता है. डाउनलोड करने के लिए इसमें 'AarogyaSetu' टाइप करें.

>> ये एप्लीकेशन 11 भाषाओं को सपोर्ट करता है, तो यहां से अपने हिसाब से कोई भी भाषा सेलेक्ट कर लें.

>> इनफॉर्मेशन पेज को ध्‍यान से पढ़ने के बाद 'Register Now' बटन पर टैप करें.

>> आरोग्‍य सेतु ऐप को ब्‍लूटूथ और जीपीएस डेटा की जरूरत पड़ेगी. ऐप को काम करने के लिए इसे Allow कर दें. आरोग्य सेतु कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग के लिए आपके मोबाइल नंबर, ब्लूटूथ और लोकेशन डेटा का इस्तेमाल करता है और पता लगाती है कि क्या कोई व्यक्ति COVID-19 जोखिम के करीब है या नहीं.

>>अब अपने मोबाइल नंबर को रजिस्‍टर करें और OTP के ज़रिए उसे वेरिफाई करें.

>>ऐप ग्रीन और यलो कलर के कोड में आपके जोखिम के स्‍तर को दिखाता है. ये भी सुझाव देता है कि आपको क्‍या करना चाहिए. अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है और बताया जाता है कि 'आप सुरक्षित हैं' तो कोई खतरा नहीं है.

अगर आपको यलो कलर में दिखाया जाता है और टेक्‍स्‍ट बताता है कि 'आपको बहुत जोखिम है' तो आपको हेल्‍पलाइन से संपर्क करना चाहिए. ऐप में एक चैटबॉट शामिल है जो कोरोनो वायरस पर आपके मूल प्रश्नों का जवाब देता है और यह निर्धारित करता है कि आपमें लक्षण हैं या नहीं. यह भारत में प्रत्येक राज्य का हेल्पलाइन नंबर भी देता है.

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