50 करोड़ फेसबुक यूजर्स के मोबाइल नंबर्स की लगी सेल, खतरे में 60 लाख इंडियन यूजर्स की प्राइवेसी

दुनियाभर के 50 करोड़ से ज्‍यादा फेसबुक यूजर्स के मोबाइल नंबर्स एक खामी से लीक हो गए हैं.

दुनियाभर के 50 करोड़ से ज्‍यादा फेसबुक यूजर्स के मोबाइल नंबर्स एक खामी से लीक हो गए हैं.

टेलिग्राम (Telegram) के जरिये दुनियाभर के 50 करोड़ फेसबुक यूजर्स (Facebook Users) के मोबाइल नंबर की बिक्री (Mobile Numbers on Sale) की जा रही है. इस डाटा में 60 लाख से ज्यादा इंडियन फेसबुक यूजर्स (Indian Users) के फोन नंबर शामिल हैं. इसे सिक्‍योरिटी का बड़ा उल्‍लंघन बताया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 6:41 AM IST
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नई दिल्‍ली. टेलिग्राम के जरिये दुनियाभर के 50 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स के मोबाइल फोन नंबर की बिक्री की जा रही है. इसमें 60 लाख से ज्यादा इंडियन फेसबुक यूजर्स के फोन नंबर शामिल हैं. सिक्योरिटी रिसर्चर एलन गैल (Motherboard) के मुताबिक, यह सिक्योरिटी का बड़ा उल्लंघन है. इससे फेसबुक यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में पड़ गई है. एलन गैल Alon Gal ने ट्विटर कर बताया, 'इस बोट को चला रहे व्‍यक्ति ने दावा किया है कि सोशल मीडिया कंपनी की एक खामी से 53.3 करोड़ फेसबुक यूजर्स की जानकारी आई है, जिसे कंपनी ने 2019 में छुपा दिया था.'

20 डॉलर में बिक रही है एक फेसबुक आईडी और मोबाइल नंबर
एलन गैल ने कहा कि इस खामी की वजह से दुनियाभर में फेसबुक अकाउंट से जुड़े नंबरों का एक्सेस सभी लोगों को मिल गया. इससे सोशल मीडिया यूजर अकाउंट्स का डाटाबेस बनाया गया और उनके नंबरों को अब बोट के जरिये बेचा जा रहा है. अगर किसी व्‍यक्ति के पास आपका फोन नंबर है तो वह फेसबुक यूजर आईडी को टेलिग्राम बोट के जरिये खोज सकता है. हालांकि, उस व्यक्ति को आपकी जानकारी तक पहुंचने के लिए कुछ पैसों का भुगतान करना होगा. बोट के जरिये एक फेसबुक यूजर की आईडी और मोबाइल नंबर 20 डॉलर में बिक रहा है. यही नहीं, डाटा के लिए बल्क प्राइसिंग भी रखी गई है. बोट के 10 हजार क्रेडिट के लिए 5,000 डॉलर कीमत तय की गई है.

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बोट से बेचा जा रहा है 100 से ज्‍यादा देशों के यूजर्स का डाटा


रिसर्चर के मुताबिक, टेलिग्राम का बोट 12 जनवरी 2021 से चलने की रिपोर्ट्स हैं, लेकिन दिया गया डाटा 2019 से है. हालांकि, डाटा सटीक हो सकता है, क्योंकि बहुत कम लोग ही अपने फोन नंबर बदलते हैं. सिक्योरिटी रिसर्चर के मुताबिक, 100 से ज्यादा देशों से यूजर्स का डाटा बोट के जरिये बिक्री पर है. उन्होंने कहा कि गंभीर प्राइवेसी की चिंता होने के बावजूद मामले के पहली बार उजागर होने पर ज्यादा तव्‍वजो नहीं दी जा रही है.
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