बैन से बचने के लिए PUBG ने बदली यूजर प्राइवेसी पॉलिसी! जानें कहा स्टोर होता है डेटा

बैन से बचने के लिए PUBG ने बदली यूजर प्राइवेसी पॉलिसी! जानें कहा स्टोर होता है डेटा
बैन के डर से PUBG ने बदली यूजर प्राइवेसी पॉलिसी

PUBG मोबाइल ने भारत में बैन से बचने के लिए यूजर की गोपनीयता नीति (Privacy Policy) को अपडेट किया है. ये अपडेट भारत में हाल ही में 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद किया गया है.

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PUBG मोबाइल ने भारत में बैन से बचने के लिए यूजर की गोपनीयता नीति (Privacy Policy) को अपडेट किया है. यह कदम उसने भारत में चाइनीज ऐप बैन को देखते हुए उठाया. हाल ही में PUBG ने एक नोटिफिकेशन द्वारा इसकी पुष्टि की है. यूजर की पर्सनल इन्फोर्मेशन कैसे प्रोसेस की जाती है इसके बारे में बेहतर पारदर्शिता प्रदान करने के लिए गोपनीयता नीति में बदलाव किए गए हैं. ये अपडेट भारत में हाल ही में 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद किया गया है.

इस हफ्ते की शुरुआत में आईटी मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर बताया था कि 47 और चीनी ऐप को बैन की लिस्ट में डाल दिया गया है ये प्रतिबंधित ऐप्स के क्लोन थे. इसके अतिरिक्त यह भी सुझाव दिया गया था कि बैन किए गए ऐप के अलावा 250 और ऐसे ऐप हैं जिन्हें गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघनों के लिए चिन्हित किया गया है, इन 250 ऐप में PUBG भी शामिल है.

प्राइवेसी पॉलिसी में किया बदलाव
PUBG मोबाइल इंडिया ने अपने आधिकारिक डिसॉर्ड चैनल पर गोपनीयता नीति में बदलाव के कारण का स्पष्टीकरण दिया है. कुछ सवालों के जवाब में PUBG ने कहा, हम समय-समय पर यूजर प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट करते रहते हैं. ये अपडेट यूजर प्राइवेसी पॉलिसी को आसानी से समझ पाने के लिए किया जाता है जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और यूजर को पता चले की व्यक्तिगत जानकारी को कैसे प्रोसेस किया जाता है.
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इस तरह होती जानकारी स्टोर
PUBG मोबाइल ने बड़े पैमाने पर बताया है कि उनके पास किस तरह का डेटा है और उन्हें इसकी आवश्यकता क्यों है. गेम में साइन-इन करने के लिए आपको सोशल मीडिया या Google अकाउंट की जरूरत होती है, तो जब आप गेम सर्विसेज, जैसे कि आपकी ओपन आईडी, आईपी एड्रेस, डिवाइस की जानकारी (जैसे एप्लिकेशन संस्करण, बैटरी) का उपयोग करते हैं. कंपनी कुछ डेटा अपने पास स्टोर कर लेती है.

सर्वर पर होता है डेटा
पबजी मोबाइल की प्राइवेसी पॉलिसी ये कहती है कि कंपनी के सर्वर भारत में भी हैं और यहाँ के यूज़र्स का डेटा यहीं के सर्वर में स्टोर रहते हैं. हालाँकि इसके सर्वर चीन में भी हैं. हालांकि कंपनी कुछ यूजर डेटा अमेरिका और सिंगापुर के भी सर्वर में भी स्टोर करती है.

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इन ऐप्स पर था क्लोनिंग का आरोप
इन ऐप्स में से ज्यादातर पहले बैन किए गए 59 ऐप्स की क्लोनिंग कर रहे थे. जांच में सामने आया था कि चीनी ऐप टिकटॉक बैन होने के बाद भी टिकटॉक लाइट के रूप में मौजूद था. इससे पहले सरकार ने चीन के 59 ऐप्स बैन कर दिए थे, जिनमें टिकटॉक, Shareit, कैमस्कैनर जैसी कई पापुलर ऐप्स शामिल थे.
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