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Signal पर बड़ा खतरा! हैकर्स के पास जा सकते हैं यूज़र्स के फोन नंबर

Signal पर बड़ा खतरा! हैकर्स के पास जा सकते हैं यूज़र्स के फोन नंबर

Signal ऐप पर खतरा.

Signal ऐप पर खतरा.

एनक्रिप्टेड मैसेजिंग सर्विस सिग्नल ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में Twilio Inc पर हुए एक फिशिंग अटैक में करीब 1,900 यूजर्स के फोन नंबरों का खुलासा हो गया है. Twilio Inc, सिगनल को वेरिफिकेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है.

हाइलाइट्स

Twilio Inc पर हुए एक फिशिंग अटैक में करीब 1,900 यूजर्स के फोन नंबरों का खुलासा हो गया है.
Twilio Inc, सिगनल को वेरिफिकेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है.
एक अटैकर एक दूसरे डिवाइस पर नंबर को फिर से रजिस्टर करने का प्रयास कर सकता है.

सोशल मीडिया के चलते जितना हम दूसरे से कनेक्टेड रहते हैं, उतना ही इससे खतरा भी बढ़ता जा रहा है. हैकिंग की खबरों में तेजी आई है. इसी बीच मैसेजिंग प्लैटफॉर्म सिग्नल को लेकर भी एक ऐसी ही खबर सामने आई है. एनक्रिप्टेड मैसेजिंग सर्विस सिग्नल ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में Twilio Inc पर हुए एक फिशिंग अटैक में करीब 1,900 यूजर्स के फोन नंबरों का खुलासा हो गया है. Twilio Inc, सिगनल को वेरिफिकेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है.

एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए कंपनी ने कहा, अटैकर Signal के साथ रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल किए गए एसएमएस वेरिफिकेशन कोड तक भी पहुंच सकता है, लेकिन मेसेज हिस्ट्री, प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का उसे पता नहीं लगा है.

इसमें कहा गया, ‘एक अटैकर एक दूसरे डिवाइस पर नंबर को फिर से रजिस्टर करने का प्रयास कर सकता है या जान सकता है कि उनका नंबर सिग्नल में रजिस्टर्ड है. इस महीने की शुरुआत में अटैक का खुलासा करने वाली Twilio ने कहा कि वह Signal को उसकी जांच में मदद कर रही है.

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सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया बेस्ड कंपनी के फोर्ड मोटर, मेरकाडो लिबरे और एचएसबीसी सहित 2,56,000 बिजनेस उसके कस्टमर्स की लिस्ट में शामिल हैं.

एंड्रॉयड फोन, टैबलेट पर खतरा
इसके अलावा हाल ही में मेटा ने एंड्रॉयड फोन और टैबलेट यूज़र्स के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. बताया गया है कि नए तरह के खतरनाक मैलवेयर का पता चला है, जो कि वॉट्सऐप और यूट्यूब जैसी पॉपुलर ऐप्स में छुप जा रहे हैं. मेटा ने तिमाही एडवर्सारियर थ्रेट रिपोर्ट 2022 में Dracarys मैलवेयर का जिक्र किया है, जो कि पॉपुलर ऐप्स के क्लोन वर्जन में छुप जा रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि ये वायरस न सिर्फ वॉट्सऐप और यूट्यूब बल्कि सिग्नल, टेलीग्राम, और कई कस्टम चैट ऐप्लिकेशन में अपनी जगह बना रही हैं.

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लेटेस्ट रिपोर्ट में सामने आया है कि ड्राकारिस मैलवेयर का नाम गेम ऑफ थ्रोन्स बैटल क्राई के ड्रैगन पर रखा गया है, जिसे APT हैकिंग ग्रुप द्वारा चलाया जा रहा है. बताया गया है कि ये हैकिंग ग्रुप UK, New Zealand, India और Pakistan के यूज़र्स को अटैक कर रहा है.

Tags: Hacking, Signal, Tech news

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