चीनी ऐप बंद करने के लिए सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया निर्देश, ऐसे ब्लॉक होंगे ऐप्स

चीनी ऐप बंद करने के लिए सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया निर्देश, ऐसे ब्लॉक होंगे ऐप्स
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के आपातकालीन उपबंध के तहत सरकार ने ये निर्देश जारी किए हैं.

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के आपातकालीन उपबंध के तहत सरकार ने निर्देश जारी किए हैं. सरकार के आदेश की दो सूची हैं. पहली सूची में 35 ऐप्स के नाम हैं और दूसरी सूची में 24 ऐप्स के नाम हैं.

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नई दिल्ली. सरकार ने सोमवार को भारत में पॉपुलर टिकटॉक, हेलो समेत 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया है. इसके बाद सरकार ने मंगलवार को सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (internet service provider) कंपनियों को प्रतिबंधित 59 चीनी मोबाइल ऐप्स (chinese mobile app) पर रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया है. आपको बता दें कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के आपातकालीन उपबंध के तहत सरकार ने ये निर्देश जारी किए हैं. सरकार के आदेश की दो सूची हैं. पहली सूची में 35 ऐप्स के नाम हैं और दूसरी सूची में 24 ऐप्स के नाम हैं.

उन्होंने कहा कि सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को पहले की घोषणा के अनुसार सभी 59 चीनी ऐप्स पर रोक लगाने के निर्देश अब जारी कर दिए गए हैं. इंटरनेट कंपनियों को दूरसंचार विभाग के एक आदेश में कहा गया है कि 24 ऐप्स पर रोक के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के आपातकालीन उपबंध 69A के तहत तत्काल रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं. इसके अलावा 35 ऐप्स को बंद करने के निर्देश कल दिन में पहले ही जारी कर दिए गए थे.

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इन सूची में वही नाम हैं जिन पर सरकार ने सोमवार को प्रतिबंध लगाया था. इनमें टिकटॉक, यूसी न्यूज, यूसी ब्राउजर, वीवा वीडियो, मी वीडियो कॉल, बिगो लाइव और वीचैट इत्यादि शामिल हैं. सरकार ने आईपी अड्रेस के साथ वेब लिंक जारी किया है जो इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को चीनी ऐप्स के एक्सेस को आसानी से ब्लॉक कर सकेगा.

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टेलीकॉम कंपनियां कैसे करेंगी इन 59 ऐप्स को बंद
कंपनियां इन्हें रोकने के लिए बिल्कुल वैसे ही कदम उठाएंगी जैसे किसी वेबसाइट को रोकने के लिए उठाया जाता है. इनके लिंक और इससे जुड़े डेटा को रोक दिया जाएगा.

टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि उनके पास किसी भी ऐप को रोकने की टेक्नोलॉजी उपलब्ध है. बस उस ऐप के आईपी पर रोक लगानी होती है. इसके बाद वो ऐप काम करना बंद कर देते हैं. (असीम मनचंदा, CNBC आवाज़)
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