सावधानः आपके बैकिंग ऐप काे हैक कर सकते हैं एंड्रॉयड के ये Apps

हैकर्स ने Clast82 और Alienbot banker नाम से दाे प्राेग्राम तैयार किए है.

हैकर्स ने Clast82 और Alienbot banker नाम से दाे प्राेग्राम तैयार किए है.

चैक पाइंट रिसर्च (CPR) के अनुसार हैकर्स ने Clast82 और Alienbot banker नाम से दाे प्राेग्राम तैयार किए है. ये दाे नए वायरस प्राेग्राम की मदद से 8 हैकिंग ऐप्स एक्टिव हाे गए है जाे यूजर्स के फाेन में माैजूद बैकिंग ऐप पर हमला कर रहे है और इनका इस्तेमाल बैंक अकाउंट से पैसा चुराने के लिए किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 11:04 PM IST
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नई दिल्ली. यदि आप भी एंड्रॉयड यूजर हैं ताे यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. ऐसा इसलिए कि ऐसे कई ऐप है जाे आपके बैकिंग ऐप काे हैक कर सकते हैं. गूगल ने ऐसे ही 10 ऐप काे चिन्हित कर उन्हें प्ले स्टाेर से हटा दिया है. यह उन यूजर्स के लिए बेहद असुरक्षित थे जाे अपने फाेन में बैकिंग ऐप भी रखते हैं और इस्तेमाल भी करते हैं. यह बात सामने आई चैक पाइंट रिसर्च (CPR) के अनुसार हैकर्स ने Clast82 और Alienbot banker नाम से दाे प्राेग्राम तैयार किए हैं. ये दाे नए वायरस प्राेग्राम की मदद से 8 हैकिंग ऐप्स एक्टिव हाे गए है जाे यूजर्स के फाेन में माैजूद बैकिंग ऐप पर हमला कर रहे हैं और इनका इस्तेमाल बैंक अकाउंट से पैसा चुराने के लिए किया जा रहा है. 



यह Malwares की मदद से आपके फाेन में आने वाले वेरिफिकेशन काे हैक कर रहे है जिससे आपकाे पता चले बिना आपके खाते से पैसा चाेरी हाे रहा है. Malware आपके फाेन में MRST काे इंस्टॉल कर देता है जाे आपके फाेन काे रिमाेट एक्सेस के लिए परमिशन दे देता है. जिसके बाद आपके फाेन काे दूर बैठा काेई व्यक्ति रिमाेट पर लेकर इस्तेमाल कर सकता है. 



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बताया जा रहा है कि Clast82 एक Malware Dropper है जाे पहले आपके फाेन पर अटैक करता है जिसके बाद Alienbot banker फाेन में फाइनेंस ऐप्स के भीतर अटैक कर सारी अहम जानकारी चुरा लेता है. यह Dropper कुछ बेहद आम ऐप्स में भी मिला है जिसमें Cake VPN, Pacific VPN, BeatPlayer, QR/Barcode Scanner MAX and QRecorder शामिल है.

क्या हाेते हैं Malware



ये एक मैलिशियस सॉफ्टवेयर होता है, जैसा कि नाम से पता चलता है कि एक सॉफ्टवेयर है जो पीड़ित के डेटा तक एक्सेस पाने के लिए पेलोड का इस्तेमाल करता है. ये सॉफ्टवेयर एक प्रोग्राम इंस्टॉल करता है जिसमें कई तरह के मैलवेयर जैसे रैंसमवेयर, स्पाईवेयर, ट्रोजन, वर्म्स इत्यादि शामिल रहते हैं, जो कि सिस्टम या नेटवर्क को डैमेज करने या सिस्टम के डेटा को डिलीट और हाइजैक करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है



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ऐसे रखें खुद को कैसे सुरक्षित 





  • सिर्फ वही ऐप माेबाइल में रखे जाे काम के हाे


  • बच्चाें के हाथ में वाे माेबाइल ना दे जिसमें आपके बैकिंग से जुड़े ऐप हाे


  • यह देखें कि काैन से ऐप का इस्तेमाल आप नहीं करते है उसे डिलीट कर दे


  • किसी भी अनजान मैसेज जिसमें काेई लिंक दिया काे ओपन ना करे



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