लाइव टीवी

लीथियम ऑयन बैटरी के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला केमिस्ट्री का नोबेल

News18Hindi
Updated: October 10, 2019, 2:03 PM IST
लीथियम ऑयन बैटरी के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला केमिस्ट्री का नोबेल
यह पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों जॉन गुडइनफ, एम स्टैनली विटिंगम और अकिरा योशिनो को दिया गया है.

नोबेल पुरस्कार (Noble Prize) के विजेता को 23 कैरेट सोने से बना 200 ग्राम का पदक और प्रशस्ति पत्र के साथ करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की राशि दी जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2019, 2:03 PM IST
  • Share this:
लीथियम ऑयन बैटरी के विकास में योगदान के लिए बुधवार को तीन वैज्ञानिकों को नोबेल प्राइज़ दिया गया. इस खोज से एनर्जी स्टोरेज की तकनीक में पूरी तरह से बदलाव आया जिससे कारों, मोबाइल फोन और तमाम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को पोर्टेबल बनाने में मदद मिली. यह पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों जॉन गुडइनफ, एम स्टैनली विटिंगम और अकिरा योशिनो को दिया गया है. 97 साल के गुडइनफ यह पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति होंगे. उनसे पहले पिछले साल 96 साल के आर्थर अश्किन को नोबेल मिला था. दी रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंस के सेक्रेटरी जनरल गोरान के. हैन्सन ने इस पुरस्कार की घोषणा की. उन्होंने कहा, यह पुरस्कार 'रिचार्जेबल वर्ल्ड' के लिए है.

कमेटी द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया कि लीथियम ऑयन बैटरियों ने हमारी ज़िंदगियों में क्रांति ला दी है और इन्होंने वायरलेस, फॉसिल फ्यूल फ्री सोसायटी की नींव रखी है. नोबेल कमेटी ने एक बयान में कहा कि लीथियम ऑयन बैटरी की जड़ें 1970 के ऑयल क्राइसिस में हैं जब विटिंगम फॉसिल-फ्यूल फ्री एनर्जी टेक्नॉलजी को बनाने में लगा हुआ था.

साढ़े चार करोड़ रुपए की मिलती है राशि-
नोबेल पुरस्कार के विजेता को 23 कैरेट सोने से बना 200 ग्राम का पदक और प्रशस्ति पत्र के साथ करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की राशि दी जाती है. मेडल के एक तरफ नोबेल पुरस्कार के जनक अल्फ्रेड नोबेल का चित्र और उनके जन्म तथा मृत्यु की तारीख लिखी होती है. मेडल के दूसरी ओर यूनान की देवी आइसिस का चित्र, रॉयल एकेडमी ऑफ साइंस स्टॉकहोम और पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति की जानकारी होती है.

5 क्षेत्रों में दिया जाता है नोबेल पुरस्कार?
दरअसल, नोबेल पुरस्कार रसायनशास्त्री और इंजीनियर अल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है. युद्ध में भारी तबाही मचाने वाले अविष्कारों को लेकर अल्फ्रेड नोबेल को काफी पश्चाताप था इसलिए उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति को जन समुदाय और मानव हित के लिए किए गए अविष्कारों में लगाने का फैसला किया और नोबेल फाउंडेशन की स्थापना की. अल्फ्रेड नोबेल का जन्म स्वीडन में 21 अक्टूबर 1833 को हुआ था जबकि मृत्यु 10 दिसंबर 1896 को इटली के सौन रेमो में हुई. उन्होंने अपनी वसीयत में हर साल भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, साहित्य और शांति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को पुरस्कार देने की घोषणा की.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ऐप्स से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 10, 2019, 2:01 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...