ShareChat को नोटिस भेज फंस गई TikTok, सरकार ने उठाए सवाल

टिकटॉक ने शेयरचैट से कंटेंट हटाने के लिए उसे नोटिस भेजा था. मगर इस नोटिस पर सरकार ने टिकटॉक से जवाब तलब कर लिया है.


Updated: August 27, 2019, 1:03 PM IST
ShareChat को नोटिस भेज फंस गई TikTok, सरकार ने उठाए सवाल
टिकटॉक ने शेयरचैट से कंटेंट हटाने के लिए उसे नोटिस भेजा था. मगर इस नोटिस पर सरकार ने टिकटॉक से जवाब तलब कर लिया है.

Updated: August 27, 2019, 1:03 PM IST
चाइनीज़ शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक (TikTok) भारतीय कंपनी शेयरचैट (ShareChat) को नोटिस भेजकर खुद ही फंस गई है. दरअसल टिकटॉक ने शेयरचैट प्लैटफॉर्म से कंटेंट हटाने के लिए उसे नोटिस भेजा था. इस नोटिस के बाद शेयरचैट ने वीडियोज़ (videos) डिलीट कर दिया. मगर भेजे गए नोटिस पर सरकार ने टिकटॉक के सामने सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (social media intermediary) होने पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ET पर छपी खबर के मुताबिक, नोटिस मिलने पर शेयरचैट ने सरकार से शिकायत की थी. शेयरचैट की ओर से लिखा गया कि, टिकटॉक ने कंटेंट पर विषेश अधिकार का दावा किया है, जबकि चाइनीज़ ऐप कंपनी इंटरमीडियरी होने का दावा करती है.

दरअसल सोशल मीडिया कंटेंट इंटरमीडियरी होने का मतलब है कि टिकटॉक का कंटेंट पर कोई कंट्रोल नहीं होता है. कानून के हिसाब से कंपनी किसी कंटेंट की मालिक नहीं है. इसी पर सरकार का सवाल यह है कि अगर टिकटॉक सोशल मीडिया इंटरमीडियरी है तो वह किसी और सोशल मीडिया कंपनी से 'अपना' कंटेंट हटाने के लिए कैसे कह सकती है?.



एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'हम इस मसले पर टिक टॉक से जवाब मांग रहे हैं.' बता दें ति इससे पहले टिकटॉक ने कहा था कि वीडियो को दूसरे प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए रिक्वेस्ट करने के साथ कानूनी कार्रवाई शुरू करने और कंट्रोल करने का पूरा अधिकार उसके पास है.

भारत में आईटी कानून के सेक्शन 79 के हिसाब से इंटरमीडियरी को ट्रांसमिशन करने, रिसीवर चुनने, ट्रांसमिशन में सूचना को बदलने की इजाजत नहीं है. शेयर चैट ने कहा,  ‘हम ऐसे मामलों में सरकार के सोशल मीडिया प्लेटफार्म की जवाबदेही को लेकर तस्वीर साफ करने की उम्मीद कर रहे हैं.’



इससे पहले भी ET पर इस मामले पर एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें बताया गया था कि टेक्नोलॉजी सेक्टर के एक्सपर्ट्स और वकीलों ने ‘एक्सक्लूसिव’ कंटेंट को लेकर चाइनीज़ ऐप के दावे पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि कानूनन उसने खुद को इंटरमीडियरी बताया है. बताया गया कि इससे पहले टिकटॉक को पॉर्न सहित जो भी कंटेंट हटाने को कहा गया था, उसमें उसने खुद के सोशल मीडिया इंटरमीडियरी होने का दावा किया था. इसी वजह से टिकटॉक अपने प्लैटफॉर्म पर किसी गलत की जवाबदेही से बचता है. हालांकि शेयरचैट को नोटिस भेजने से उसका दावा कमज़ोर हुआ है.
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बता दें कि टिकटॉक को पहले एक जनहित याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने बैन कर दिया था. इस याचिका में ऐप के कुछ कंटेंट को गलत और गलत और हानिकारक बताया था. मगर बाद में बैन को हटा लिया गया. तब भी टिकटॉक ने खुद को इंटरमीडियरी कहके सारे कंटेंट की जवाबदेही से इनकार कर दिया था.

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First published: August 27, 2019, 12:23 PM IST
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