ShareChat के साथ जारी विवाद पर Tik Tok ने कहा- हमारे पास एडिटोरियल कंट्रोल नहीं

News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 12:51 PM IST
ShareChat के साथ जारी विवाद पर Tik Tok ने कहा- हमारे पास एडिटोरियल कंट्रोल नहीं
टिकटॉक शेयरचैट के बीच बढ़ा विवाद

शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TIK TOK) ने कहा है कि यूजर्स के कंटेंट में उसका एडिटोरियल कंट्रोल नहीं है. सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म शेयरचैट (sharechat) में जारी विवाद के बीच टिकटॉक का ये बयान आया है

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2019, 12:51 PM IST
  • Share this:
शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TIK TOK) ने कहा है कि यूजर्स के कंटेंट में उसका एडिटोरियल कंट्रोल नहीं है. हालांकि, टिकटॉक ने कहा है कि वह कंटेंट तैयार करने वालों के साथ समझौता कर सकता है, जिससे संबंधित कंटेंट के मामले में उसे 'कुछ विशिष्ट अधिकार' प्राप्त हो सकें. सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म शेयरचैट (sharechat) में जारी विवाद के बीच टिकटॉक का ये बयान आया है.

टिकटॉक ने शेयरचैट को कुछ कॉन्टेंट हटाने के बारे में नोटिस दिया था. शेयरचैट ने ऐसा आग्रह मिलने और उसपर पर कार्रवाई करने की पुष्टि की है. पिछले हफ्ते शेयरचैट ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संपर्क कर टिकटॉक के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए ऐसे विशिष्ट करार के प्रभाव पर चिंता जताई थी. वहीं टिकटॉक ने अपने बयान में कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म के पास यूजर के कॉन्टेंट पर एडिटोरियल कंट्रोल नहीं है. ये पूरी तरह यूजर के विवेक पर निर्भर करता है.

ये भी पढ़ें: ShareChat को नोटिस भेज फंस गई TikTok, सरकार ने उठाए सवाल

हालांकि वो ऐसा कॉन्टेंट बनाने वाले लोगों के साथ अनुबंध कर सकती है, जिससे उसके पास इन कॉन्टेंट को लेकर कुछ विशिष्ट अधिकार रहेगा. कंपनी ने कहा कि उसने यूजर्स को कॉपीराइट उल्लंघन से संरक्षण को कानूनी कार्रवाई की है. वहीं शेयरचैट ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की.

क्या था मामला
TikTok, ShareChat को नोटिस भेजकर खुद ही फंस गई है. दरअसल टिकटॉक ने शेयरचैट प्लैटफॉर्म से कंटेंट हटाने के लिए उसे नोटिस भेजा था. इस नोटिस के बाद शेयरचैट ने वीडियोज़ (videos) डिलीट कर दिए. मगर भेजे गए नोटिस पर सरकार ने टिकटॉक के सामने सोशल मीडिया इंटरमीडियरी (social media intermediary) होने पर सवाल खड़े कर दिए. ET पर छपी खबर के मुताबिक, नोटिस मिलने पर शेयरचैट ने सरकार से शिकायत की थी. शेयरचैट की ओर से लिखा गया कि, टिकटॉक ने कंटेंट पर विषेश अधिकार का दावा किया है, जबकि चाइनीज़ ऐप कंपनी इंटरमीडियरी होने का दावा करती है.

ये भी पढ़ें: Tik Tok पर गर्लफ्रेंड के साथ बनाया वीडियो, भीड़ ने पेड़ से बांधकर पीटा
Loading...

सोशल मीडिया कंटेंट इंटरमीडियरी होने का मतलब है कि टिकटॉक का कंटेंट पर कोई कंट्रोल नहीं होता है. कानून के हिसाब से कंपनी किसी कंटेंट की मालिक नहीं है. इसी पर सरकार का सवाल यह है कि अगर टिकटॉक सोशल मीडिया इंटरमीडियरी है तो वह किसी और सोशल मीडिया कंपनी से 'अपना' कंटेंट हटाने के लिए कैसे कह सकती है.

(भाषा से इनपुट)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए ऐप्स से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 29, 2019, 12:09 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...