सिक्योर रखें अपना फोन, डेटा चोरी होने से ऐसे बचें

डेटा लीक की खबरें जिस तरह से सामने उभरकर आ रही हैं उसे देखते हुए हम आपको कुछ टिप्स बताते हैं जिससे आपका फोन काफी सुरक्षित हो जाएगा.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 6:17 AM IST
सिक्योर रखें अपना फोन, डेटा चोरी होने से ऐसे बचें
डेटा लीक की खबरें जिस तरह से सामने उभरकर आ रही हैं उसे देखते हुए हम आपको कुछ टिप्स बताते हैं जिससे आपका फोन काफी सुरक्षित हो जाएगा.
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Updated: July 23, 2019, 6:17 AM IST
आजकल रोज़मर्रा के लगभग हर काम के लिए हम स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में बहुत ज़रूरी हो जाता है कि हमारे फोन का डेटा सेफ होना बहुत ज़रूरी है. वैसे भी डेटा लीक की खबरें जिस तरह से सामने उभरकर आ रही हैं उसे देखते हुए हम आपको कुछ टिप्स बताते हैं जिससे आपका फोन काफी सुरक्षित हो जाएगा.

फोन के सॉफ्टवेयर को हमेशा अप-टू-डेट रखें-
फोन अपडेट करना न सिर्फ नए फीचर्स पाने के लिए बल्कि सिक्युरिटी के लिए भी ज़रूरी होता है. ऑपरेटिंग सिस्टम के अपडेट रहने से वायरस के अटैक होने या बग आने का खतरा काफी कम हो जाता है. इसलिए एंड्रॉयड और आईफोन दोनों के यूज़र्स को अपने सॉफ्टवेयर को अपडेटेड रखना चाहिए.

सिक्योर ऐप से ही करें बातचीत-

चैटिंग के लिए उन्ही ऐप्स का यूज़ करें जो एन्क्रिपशन का प्रयोग करते हैं क्योंकि इस तरह के ऐप में डेटा लीक की संभावना काफी कम रहती है. जीमेल और आउटलुक भी एन्क्रिप्शन टेक्नॉलजी का प्रयोग करते हैं लेकिन अगर आपको बहुत ही सेंसिटिव डेटा को भेजना हो तो प्रोटॉन मेल का प्रयोग करें.



कम से कम ऐप्स को पर्सनल इनफर्मेशन ऐक्सेस करने की इजाज़त दें-
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काफी ऐप्स आपके फोन में मौजूद सारी डिटेल्स को ऐक्सेस कर लेते हैं. इन डिटेल्स में आपके कॉन्टैक्ट्स से लेकर गैलरी में सेव तमाम चीज़ें तक शामिल हैं. तो इसलिए अपने पर्सनल डेटा को ऐक्सेस करने की इजाज़त उन्हीं ऐप्स को दें जो बिल्कुल सिक्योर हैं. साथ ही जिन ऐप्स को लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है उनको भी बेहतर है डिलीट कर दें. बता दें कि सेटिंग्स में जाकर भी आप मैनेज कर सकते हैं कि कौन से ऐप डेटा को ऐक्सेस कर पाएं और कौन से नहीं.

पब्लिक वाई-फाई कनेक्ट करते वक्त करें वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल-
अक्सर हम पब्लिक वाई-फाई का प्रयोग करते हैं ऐसे में हमारे डेटा के हैक होने का खतरा बना रहता है. इसके लिए वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का प्रयोग करना ज़रूरी है. वीपीएन, डिवाइस के इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस को छिपा देता है. कुछ पॉप्युलर वीपीएन सर्विसेज में NordVPN, ExpressVPN और PureVPN जैसे ऑप्शन शामिल हैं.



पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें-
अमूमन आजकल इतने पासवर्ड का प्रयोग करना पड़ता है कि सारे पासवर्ड को याद रख पाना आसान नहीं होता ऐसे में अक्सर कई अकाउंट्स का एक ही पासवर्ड हम रख देते हैं. जो कि सुरक्षित नहीं होता है. ऐसे में हमें लास्टपास, 1 पासवर्ड या कीपर जैसे पासवर्ड मैनेजर का प्रयोग हम कर सकते हैं जिससे हमें सिर्फ एक ही पासवर्ड याद रखने की ज़रूरत होगी और इसके बाद आप किसी भी अकाउंट में लॉग-इन कर पाएंगे.

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First published: July 23, 2019, 6:17 AM IST
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