महिलाओं से छेड़खानी पर रोक लगाएगा ये App, 2.3 लाख बार हुआ डाउनलोड

छेड़खानी होने पर इसके शिकार हुई महिलाएं DG पुलिस ऐप को एक्टिव कर सकते हैं, जो या तो एक आवाज में चिल्लाता है- ‘Stop it’

News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 11:52 AM IST
महिलाओं से छेड़खानी पर रोक लगाएगा ये App, 2.3 लाख बार हुआ डाउनलोड
छेड़खानी होने पर इसके शिकार हुई महिलाएं DG पुलिस ऐप को एक्टिव कर सकते हैं, जो या तो एक आवाज में चिल्लाता है- ‘Stop it’
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Updated: May 22, 2019, 11:52 AM IST
महिलाओं से हो रही छेड़खानी पर रोक लगाने के लिए टोक्यो पुलिस ने स्मार्टफोन ऐप बनाया है. ये ऐप जापान में महिलाओं के बीच सबसे पसंदीदा ऐप बन गया है. ये लंबे समय तक भीड़ भरी ट्रेनों में छेड़खानी का शिकार होती  महिलाएं के लिए राहत बनकर आया है, क्योंकि अब उनके पास एंटी ग्रॉपिंग ऐप है. छेड़खानी होने पर शिकार हुई महिलाएं DG पुलिस ऐप को एक्टिव कर सकती हैं, जो या तो एक आवाज में चिल्लाता है- ‘Stop it’ (इसे बंद करो) या मोबाइल की पूरी स्क्रीन पर SOS मैसेज दिखाई देता है.

इस मैसेज में लिखा होता है- यहां एक छेड़खानी करने वाला(मोलेस्टर) है, कृपया मदद करें. इस मैसेज को पीड़िता अपने फोन के जरिए बाकी यात्रियों को दिखा सकती हैं. पुलिस अधिकारी केइको टॉयमाइन ने कहा, इस ऐप को 2.37 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया गया है, जो किसी पब्लिस सर्विस ऐप के लिए एक बड़ा आंकड़ा है. टॉयमाइन ने बताया कि इस ऐप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और हर महीने लगभग 10,000 नए यूज़र्स इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि अक्सर पीड़ित मदद के लिए बुलाने से डरते हैं, लेकिन SOS मैसेज मोड का इस्तेमाल करके वह बाकियों यात्रियों को छेड़खानी करने वाले वाले के बारे में जानकारी दे सकते हैं.

टोक्यो मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 में टोक्यो में ट्रेनों और सबवे पर लगभग 900 छेड़खानी और अन्य उत्पीड़न के मामले सामने आए थे. पुलिस के मुताबिक वास्तविक संख्या इससे ज्यादा हो सकती है क्योंकि अक्सर इसके शिकार हुए लोग सामने नहीं आते हैं.

जापान में इस तरह के जुर्म करने वाले अपराधी को छह महीने की जेल की सजा या 5,500 डॉलर (3.83 लाख रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. हिंसा करने या धमकी देने पर संभावित जेल की सजा को बढ़ाकर 10 साल तक किया जा सकता है.

भारतीय रेलवे में आया TalkBack  बटन
इंडियन रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिब्बों में ‘Talk Back’ बटन की सुविधा उपलब्ध कराई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चला रहा है. अगर  ये पूरी तरह से सफल रहा तो अन्य ट्रेनों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी.  आपको बता दें कि रेलवे ने 2016 में पहली बार महिला डिब्बों में ‘Talk Back’ बटन की सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उपलब्ध कराई थी. इसके बाद सितम्बर 2018 के बाद कई ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई.

 
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