140 साल में पहली बार होगी मोबाइल ऐप से जनगणना, हासिल की जाएंगी 60 से ज़्यादा जानकारियां

भारत में जनगणना के 140 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारत की जनसंख्या की गणना मोबाइल ऐप से की जाएगी....

News18Hindi
Updated: July 14, 2019, 2:57 PM IST
140 साल में पहली बार होगी मोबाइल ऐप से जनगणना, हासिल की जाएंगी 60 से ज़्यादा जानकारियां
भारत में जनगणना के 140 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारत की जनसंख्या की गणना मोबाइल ऐप से की जाएगी....
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Updated: July 14, 2019, 2:57 PM IST
क्या आपको पता है कि 2021 में होने वाली जनसंख्या की गणना मोबाइल ऐप के ज़रिए की जाएगी.  इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में किसी तरह की चूक ना हो. इसलिए अगले महीने जनगणना की एक रिहर्सल की जाएगी. इसके लिए सागर, इंदौर और होशंगाबाद को बतौर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है. सागर में जनगणना के लिए नगर निगम क्षेत्र को लक्ष्य बनाया गया है.

जनसंख्या किसी भी राष्ट्र का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, जिससे ना सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग संभव हो पाता है बल्कि कुशल, प्रशिक्षित और मेहनती श्रम शक्ति का आर्थिक और विकास का एक अलग रास्ता भी निकलता है.  (ये भी पढ़ें- फोन में बिना इंटरनेट के भी ट्रांसफर कर सकते हैं पैसे, जानें क्या है पूरा तरीका)



अगले साल अप्रैल से शुरू हो रही 2021 के लिए सवा अरब से अधिक नागरिकों की जनगणना मोबाइल से कराने केलिए सेंसस-2021(Census) ऐप तैयार किया जा चुका है. इस तरह भारत में जनगणना के 140 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारत की जनसंख्या की गणना मोबाइल ऐप से की जाएगी.



इस ऐप के जरिए हर नागरिक के संबंध में 60 से अधिक जानकारियां हासिल की जाएंगी. बाद में इसी ऐप से हासिल डेटाबेस से राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और बाद में नागरिकता कार्ड जारी किए जाएंगे. जानकारियों में घर में उपलब्ध सुविधाएं, पेयजल, बिजली के स्रोत, वाहन, धर्म, व्यवसाय, लिंग, साक्षरता, मातृभाषा शामिल होंगी. NPR के लिए इस ऐप में अलग ऑप्शन होगा. इसमें नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, आधार, पासपोर्ट, मोबाइल, पैन नंबर, मतदाता पहचान पत्र संख्या शामिल होंगी.  (ये भी पढ़ें- फोन में बिना इंटरनेट के भी ट्रांसफर कर सकते हैं पैसे, जानें क्या है पूरा तरीका)



जानकारी के मुताबिक जनगणना के कार्य में लगाए गए शिक्षकों को ऐप के जरिए जानकारी हासिल करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. शिक्षकों के मोबाइल में इस ऐप को फीड करने के बाद इन्हें डेटा एकत्रित करने की गहन जानकारी दी जाएगी. हालांकि विकल्प के तौर पर कागज के फार्म भी होंगे. मगर सरकार को उम्मीद है कि ज्यादातर लोग कागज के फार्म की जगह मोबाइल का इस्तेमाल करेंगे. क्योंकि यह ना सिर्फ आसान है, बल्कि इससे जल्द से जल्द डेटा एकत्र किया जा सकता है. माना जा रहा है कि जनगणना कार्य में 27 लाख कर्मियों को लगाया जाएगा.
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