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Phishing क्या होता है और कैसे आप इन 6 तरीकों से खुद का बचाव कर सकते हैं?

Phishing से बचने के तरीके.

Phishing से बचने के तरीके.

Phishing, हैकर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ऑनलाइन अटैक का सबसे आम तरीका है. फिशिंग में हमलावर खुद को एक विश्वसनीय स ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ऑनलाइन सेफ्टी और फिशिंग अटैक से बचने के कई तरीके हैं.
असली दिखने वाला ईमेल भेजने के पीछे हैकर का मकसद यूज़र की निजी जानकारी पाना होता है.
भरोसेमंद एंटी-वायरस सॉफ्टेवेयर का इस्तेमाल करके अपने सिस्टम को बार स्कैन करते रहना चाहिए.

इंटरनेट के इस दौर में हम सभी ने ‘Phishing’ टर्म को कभी न कभी तो सुना ही होगा. फिशिंग अटैक आजकल काफी आम हो गया है. यूज़र्स की एक चूक से हैकर्स उन्हें निशाना बना लेते हैं. सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि फिशिंग होता क्या है?

Phishing, हैकर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ऑनलाइन अटैक का सबसे आम तरीका है. फिशिंग में हमलावर खुद को एक विश्वसनीय सोर्स की तरह पेश करता है और एक मैलिशियस ईमेल भेजता है जो पहली नज़र में वैलिड लगता है. इस तरह का असली दिखने वाला ईमेल भेजने के पीछे हैकर का मकसद यूज़र्स का नाम, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड और बाकी बैंकिंग डिटेल हासिल करना होता है.

एक सामान्य फिशिंग हमले का एक उदाहरण आपके सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड की एक्सपायर के बारे में एक ईमेल हो सकता है. ईमेल में एक लिंक शामिल होने की संभावना होती है जो पहली नज़र में असली लगता है, लेकिन अगर ध्यान से देखा जाए, तो आपको इसकी स्पेलिंग में कुछ हेरफेर दिखाई दे सकती है.

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इसलिए कोई भी आसानी से हैकर के झांसे में आ सकता है. ऐसा न हो, इसलिए आज हम आपको ऑनलाइन सेफ्टी और फिशिंग अटैक से बचने के सबसे प्रभावी तरीकों के बारे में बता रहे हैं…

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1)निजी जानकारी को शेयर करने से बचें:
सोशल मीडियो, फोरस या किसी कंपनी की वेबसाइट पर निजी डिटेल देने से बचें. यानी कि ऑनलाइन होने पर कभी भी अपने पर्सनल और सेंसिटिव जानकारियां, जैसे कि आधार नंबर, बर्थडेट, मां/बाप का नाम, घर के पते को पब्लिक डोमेन में न शेयर करें. यह देखा गया है कि ज़्यादातर फिशिंग ईमेल आपको उन पेज पर भेज देंगे जो व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मांगते हैं. इसलिए बिना सेंडर को वेरिफाई किए संवेदनशील जानकारी न दें.

2)Password बदलते रहें:
भले ही आपका पासवर्ड स्ट्रॉन्ग और कठीन हो, लेकिन अपने अकाउंट का पासवर्ड नियमित रूप से बदलना एक अच्छी हैबिट हो सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये आपको डेटा लीक और मैलिशियस एक्टिविटी से खुद को सुरक्षित रखने में मदद करता है.

यह और भी ज़रूरी हो जाता है अगर आपके अकाउंट में सेंसिटिव डिटेल हो, जिसमें आपके सेव किए गए क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी भुगतान जानकारी शामिल होता हैं.

3)Two-factor Authentication ON रखें:
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन आपके सपोर्टेड अकाउंट में ऑथेंटिकेशन की एक अडिशनल लेयर ऐड करने का एक और शानदार तरीका है. Google 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का सपोर्ट करता है और आपको साइन-इन अप्रूव करने का संकेत देता है.

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4)ईमेल में आए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें
लिंक पर क्लिक करने से पहले, सुनिश्चित करें कि वेबसाइट वैलिड है. मैसेज में या URL में किसी भी तरह की स्पेलिंग की गलतियों की जांच करें. अगर ईमेल ऐसे शुरू हो रहे हैं तो सावधान रहने की ज़रूरत है..

-Your order has shipped, confirm delivery details.
-Update your payment information .
-Your email id password has become invalid.
-You have won a lucky draw.

5)कई तरह की होती है Phishing
Phishing.org के मुताबिक, सबसे आम तरह की फिशिंग टेक्नीक में स्पीयर फिशिंग, सेशन हाईजैकिंग, कंटेंट इंजेक्शन, विशिंग, लिंक मैनिपुलेशन और स्मिशिंग, और रैंसमवेयर, कीलॉगर्स, ट्रोजन और दूसरे हानिकारक सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जिन से आपके डिवाइस पर अटैक किया जा सकता है.

6) Install करें Anti-Phishing प्लग, Antivirus
भरोसेमंद एंटी-वायरस सॉफ्टेवेयर का इस्तेमाल करके अपने सिस्टम को बार स्कैन करते रहें. Google जैसी टेक कंपनियां अपने ब्राउज़र और OS के लिए नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट को पेश करती रहती हैं. नए सॉफ्टवेयर अपडेट में सिक्योरिटी पैच को रोलआउट किया जाता है, जिससे कि हैकर्स से बचा जा सके.

Tags: Cyber Attack, Internet, Tech news

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