ये है भारत का सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर, जानिए किन कामों में करेगा मदद

सुपर कंप्यूटर परम सिद्धी को विश्‍व के सर्वाधिक शक्तिशाली 500 नन-डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड कम्‍प्‍यूटर प्रणालियों में 63वां स्‍थान मिला. (सांकेतिक फोटो)
सुपर कंप्यूटर परम सिद्धी को विश्‍व के सर्वाधिक शक्तिशाली 500 नन-डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड कम्‍प्‍यूटर प्रणालियों में 63वां स्‍थान मिला. (सांकेतिक फोटो)

परमसिद्धि सुपर कंप्यूटर (Param siddhi supercomputer) सी-डैक ने स्वदेश में विकसित (Indigenously developed) किया है. एचपीसी-एआई इंजन, सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क तथा क्‍लाउड प्‍लेटफॉर्म के साथ एनवीआईडीआईए डीजीएक्‍स सुपर-पीओडी रेफरेंस आर्किटेक्चर नेटवर्किंग पर बना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 8:30 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सुपर कंप्यूटर का जिक्र आते ही हमारे मन में सामान्य कम्प्यूटर की छवि आती है. लेकिन सुपर कंप्यूटर (Super Computer) दिखने और काम करने के मामले में सामान्य कंप्यूटर से बहुत अलग होता है. ये सामान्य कंप्यूटर की अपेक्षा बहुत शक्तिशाली होता है बल्कि इसके काम करने का क्षमता भी सामान्य कंप्यूटर से बहुत तेज होती है. सी-डैक के राष्‍ट्रीय सुपर-कम्‍प्‍यूटिंग मिशन (एनएसएम) के अंतर्गत बने उच्च कार्य प्रदर्शन वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एचपीसी-एआई) सुपर कंप्यूटर परमसिद्धि को विश्‍व के सर्वाधिक शक्तिशाली 500 नन-डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड कंप्यूटर प्रणालियों में 63वां स्‍थान प्राप्‍त हुआ है. रैंकिंग का परिणाम 16 नवंबर, 2020 को जारी किया गया. आइए जानते है देश के सुपर कंप्यूटर परम सिद्धि के बारे में...

जानिए किन कामों में मदद करेगा 'परमसिद्धि' (Param Siddhi)- एआई प्रणाली एडवांस मैटेरियल, कम्‍प्‍यूटेशनल केमिस्‍ट्री तथा एस्‍ट्रोफिजिक्‍स जैसे क्षेत्रों में ऐप्‍लीकेशन विकास पैकेज को मजबूत बनाएगी. मिशन के अंतर्गत प्‍लेटफार्म पर ड्रग डिजाइन, रोकथाम करके वाली स्‍वास्‍थ्‍य सेवा प्रणाली के लिए अनेक पैकेज विकसित किये जा रहे हैं.

मुम्‍बई, दिल्‍ली, चेन्‍नई, पटना तथा गुवाहाटी जैसे बाढ़ की संभावना वाले शहरों के लिए बाढ पूर्वानुमान पैकेज विकसित किया जा रहा है. इससे कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में अनुसंधान और विकास को तेज सिमुलेशन्‍स, मेडिकल इमेजिंग, जीनोम अनुक्रमण तथा पूर्वानुमान के माध्‍यम से तेजी आएगी. यह भारतीय जनता और स्‍टार्टअप तथा विशेष रूप से एमएसएमई के लिए वरदान है.



यह भी पढ़ें: दुनियाभर में बढ़ रही है अनयूज्ड स्मार्टफोन की तादाद, 27 देशों में यूं ही पड़े हैं 1.9 अरब यूरो के मोबाइल, वजन 138 व्‍हेल के बराबर
यह ऐप्‍लीकेशन विकसित करने वालों के लिए वरदान है और इससे एनसीएमआरडब्‍ल्‍यूएफ तथा आईआईटीएम द्वारा मौसम पूर्वानुमान पैकेज की जांच तेल तथा गैस निकासी के लिए ओ-एक्‍सप्‍लोरेशन, ऐरो-डिजाइन अध्ययन, कम्प्यूटेशनल भौतिकी तथा गणित संबंधी ऐप्‍लीकेशनों की जांच में मदद मिलेगी और शिक्षा के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी सहायता मिलेगी.

यह भी पढ़ें: Google जल्द बता सकता है Video के ज़रिए Chrome Browser इस्तेमाल करने का तरीका

कैसे हुआ इसका विकास?- 5.267 पेटाफ्लॉप्‍स के आरपिक तथा 4.6 पेटाफ्लॉप्‍स आरमैक्‍स (सस्‍टेन्‍ड) के साथ इस सुपर कम्‍प्‍यूटर की परिकल्पना सी-डैक द्वारा की गई और राष्‍ट्रीय सुपर कम्‍प्‍यूटिंग मिशन –एनएसएम के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समर्थन से संयुक्‍त रूप से विकसित किया गया है.

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा है कि यह ऐतिहासिक है, भारत के पास विश्‍व में सबसे बड़ी सुपर कम्‍प्‍यूटिंग संरचना है और यह आज परमसिद्धि-एआई की रैंकिंग से साबित हो गया है.

प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि मेरी सच्‍ची मान्‍यता है कि परमसिद्धि (Param Siddhi)-एआई हमारे राष्ट्रीय शैक्षिक तथा अनुसंधान और विकास संस्‍थानों को सशक्‍त बनाएगा और नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एनकेएन) के ऊपर राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटर ग्रिड के नेटवर्क पर देश में फैले उद्योगों तथा स्‍टार्टअप को मजबूती प्रदान करेगा.

प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा कि परमसिद्धि (Param Siddhi)-एआई के साथ देश में वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी समुदाय स्‍वास्‍थ्‍य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, एआई ऐप्‍लीकेशनों, मौसम तथा जलवायु मॉडलिंग, शहरी नियोजन की बहुविषयी चुनौतियों के समाधान में और अधिक सक्षम और सशक्त होगा.

आत्मनिर्भर भारत में अहम योगदान- प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा कि यह विज्ञान और टेक्नोलॉजी नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण कड़ी है. परमसिद्धि (Param Siddhi) सुपर कम्प्यूटर सी-डैक के स्वदेश में विकसित एचपीसी-एआई इंजन, सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क तथा क्‍लाउड प्‍लेटफॉर्म के साथ एनवीआईडीआईए डीजीएक्‍स सुपर-पीओडी रेफरेंस आर्किटेक्चर नेटवर्किंग पर बना है. यह डीप लर्निंग, विजुअल कम्‍प्‍यूटिंग, वर्चुअल रियल्‍टी एक्‍सेलेरेटेड कम्‍प्‍यूटिंग और ग्राफिक्‍स वर्चुअलाइजेशन में मददगार साबित होगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज