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2-Step Verification से डबल हो जाती है अकाउंट की सिक्योरिटी, जानें क्या है ये और कैसे करता है काम?

Two-Step Verification क्या होता है.

Two-Step Verification क्या होता है.

जैसा कि हमने बताया कि Two-Step Verification आपके अकाउंट की सिक्योरिटी को डबल कर देती है, और उसे सेफ मे रखने में मदद करत ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

2-Step Verification एक तरह की Security Layer है.
इसका इस्तेमाल किसी भी Account की Security को बढ़ाने के लिए किया जाता है.
इसे Two Factor Authentication भी कहा जाता है.

सोशल मीडिया के इस दौर में आए दिन नई-नई चीज़ें सामने आती हैं. फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप जैसे प्लैटफॉर्म लोगों के बीत काफी पॉपुलर हैं, और यही वजह है कि इसपर हैकिंग और फ्रॉड का खतरा भी उतना ही ज़्यादा बढ़ता जा रहा है. सोशल मीडिया से जुड़े कई नए टर्म हमारे सामने आते हैं, जिसमें से कुछ हमें पता चल जाते हैं, और कुछ चीज़ों का हमें पता नहीं लग पाता है. ऐसे में हम सभी ने टू-स्टेप वेरिफिकेशन का नाम भी सुना होगा. लेकिन हम में से बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिन्हें ये ठीक से नहीं पता है कि ये क्या होता है, और ये कैसे काम करता है, और ये हमारे लिए क्यों ज़रूरी है.

2-Step Verification एक तरह की Security Layer है, जिसे Two Factor Authentication भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल किसी भी Account की Security को बढ़ाने के लिए किया जाता है, जिससे कि अकाउंट को हैकिंग जैसी एक्टिविटी से सुरक्षित किया जा सके.

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जैसा कि हमने बताया कि Two-Step Verification आपके अकाउंट की सिक्योरिटी को डबल कर देती है, और उसे सेफ मे रखने में मदद करती है. इससे हैकिंग का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.

कैसे काम करता है Two Step Verification?
हम सबको मालूम है कि किसी भी सोशल मीडिया या बैंक की वेबसाइट/ऐप का इस्तेमाल करने के लिए आईडी-पासवर्ड डाल कर लॉगइन करना पड़ता है. लेकिन ज़रिए सोचिए अगर आपका आईडी-पासवर्ड किसी ने देख लिया है, और या फिर किसी ने हैक करके मालूम कर लिया हो तो. यहीं काम आता है टू-स्टेप वेरिफिकेशन..

दरअसल अगर आपके आईडी-पासवर्ड की जानकारी किसी के हाथ लग जाती है, तो आसानी से आपके अकाउंट में लॉगइन करके नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए Two-Factor Authentication का होने बहुत ज़रूरी है.

अगर आपने अपने अकाउंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन रखा है, कोई दूसरा व्यक्ति आपके अकाउंट को Login करने की कोशिश करता है, तो उसके लिए ऐसा करना आसान नहीं होता है, क्योंकि सिर्फ पासवर्ड से अकाउंट को लॉगइन नहीं किया जा सकता है.

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के को एक्टिवेट करने के लिए OTP डालना होता है. ये OTP अकाउंट से Registered Mobile Number या Email Id पर भेजा जाता है.

यही वजह है कि जब हैकर आपके अकाउंट में लॉगइन करने की कोशिश करता है तो टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की वजह से OTP रेजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर जाता है, जो कि यूज़र के पास होता है, और इस तरह हैकर या कोई दूसरा शख्स आपके अकाउंट का एक्सेस नहीं कर पाता है.

Two Step Verification से क्या फायदे होते हैं.
1-इससे आपके बैंक अकाउंट, सोशल मीडियो अकाउंट की Security डबल हो जाती है, और इससे अकाउंट के हैक होने का खतरा भी कम रहता है.

2-इसे एक्टिवेट करने पर किसी भी अकाउंट को कोई और इस्तेमाल नहीं कर सकता है.

3- बैंकिंग वेबसाइट या ऐप के लिए इसे एक्टिवेट करने पर पैसों की चपत लगने से बचाव करता है टू-स्टेप वेरिफिकेशन.

Tags: Mobile Phone, Social media, Tech news

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