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आखिर क्यों भारतीय यूजर्स Twitter छोड़कर Mastodon को कर रहे हैं पसंद?

News18Hindi
Updated: November 8, 2019, 11:58 AM IST
आखिर क्यों भारतीय यूजर्स Twitter छोड़कर Mastodon को कर रहे हैं पसंद?
मैस्टोडॉन (Mastodon) से जुड़ने वाले लोगों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े (Sanjay Hegde) के अकाउंट को रिस्टोर किया जाए. हेगड़े को कथित रूप से एक हेटफुल पिक्चर पोस्ट करने के आरोप में ट्विटर पर बैन कर दिया गया था.

मैस्टोडॉन (Mastodon) से जुड़ने वाले लोगों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े (Sanjay Hegde) के अकाउंट को रिस्टोर किया जाए. हेगड़े को कथित रूप से एक हेटफुल पिक्चर पोस्ट करने के आरोप में ट्विटर पर बैन कर दिया गया था.

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  • Last Updated: November 8, 2019, 11:58 AM IST
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नई दिल्ली. पिछले 24 घंटों में ट्विटर की तुलना में एक काफी छोटी सोशल मीडिया साइट मैस्टोडॉन (Mastodon) पर भारतीय यूज़र्स की संख्या बढ़ रही है. इनमें से ज्यादातर लोग ट्विटर से हैं. इनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े के अकाउंट को रिस्टोर किया जाए. हेगड़े को कथित रूप से एक हेटफुल पिक्चर पोस्ट करने के आरोप में ट्विटर पर बैन कर दिया गया था.

हेगड़े ने जर्मन वर्कर ऑगस्ट लैंडमासर की एक पिक्चर पोस्ट की थी जिसने कथित रूप से नाज़ी सैल्यूट करने से मना कर दिया था. इसके बाद तमाम ट्विटर यूज़र्स ने 6 नवंबर दोपहर से ट्विटर का 24 घंटे के लिए बॉयकॉट करने की मुहिम चलाई. ये संख्या धीरे धीरे बढ़ने लगी और इसके विरोध में आल्ट न्यूज के को-फाउंडर प्रतीक सिन्हा, सोशल एक्टिविस्ट कविता कृष्णन, पत्रकार शिवम विज यहां तक कि जाने-माने संगीतकार विशाल डडलानी भी Mastodon से जुड़ गए.

ब्लूमबर्ग के मुताबिक सेल द इंटरनेट के फाउंडर निखिल पाहवा ने कहा कि ये घटना ट्विटर में मौजूद कमियों और जवाबदेही में कमी के कारण हुई है. उन्होंने कहा, 'ट्विटर को ये संदेश दिया जा रहा है कि आपका व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता. ट्विटर इंडिया पक्षपात करता है और राजनीतिक कारणों से बोलने की आज़ादी पर रोक लगाता है.'

हालांकि, ट्विटर इंडिया (Twitter India) ने इस आरोप को खारिज किया है. ट्विटर इंडिया ने ट्वीट किया कि चाहे पॉलिसी की बात हो, प्रोडक्ट फीचर या नियमों को लागू करने की बात हो ट्विटर ने कभी पक्षपात नही किया और किसी की भी विचारधारा या राजनीतिक दृष्टिकोण के आधार पर एक्शन नहीं लिया.


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हालांकि, ऐसा नहीं है कि लोग पूरी तरह से ट्विटर को छोड़ रहे हैं बल्कि वे अपना विरोध दर्ज करने के लिए ट्विटर पर एक्टिविटी को कम कर रहे हैं.

क्या है मैस्टोडॉन (Mastodon)-
मैस्टोडॉन भी एक तरह की सोशल नेटवर्किंग साइट है जिस पर वीडियो, फोटोज़, मैसेज पोस्ट किए जा सकते हैं. अंतर सिर्फ ये है कि इसको चलाने के लिए किसी सिंगल सर्वर का यूज़ नहीं किया जाता है, न ही इसे कोई सिंगल कंपनी या व्यक्ति इसे रन करता है. कोई भी मैस्टोडॉन पर अपना सर्वर क्रिएट करके चला सकता है. चूंकि इसको रन करने के लिए कोई एक सर्वर नहीं है इसलिए हर सर्वर की अपनी पॉलिसी और नियम भी हैं. इसकी वजह से यूज़र्स को ऐसी पॉलिसी मिलती है जिससे वे सहमत हो पाएं. मैस्टोडॉन को पहली बार अक्टूबर 2016 में Eugen Rochko में रिलीज़ किया गया था. इस पर इस वक्त करीब 22 लाख यूज़र्स है जबिक ट्विटर पर 3 करोड़ 21 लाख मंथली एक्टिव यूज़र्स हैं.

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First published: November 8, 2019, 11:13 AM IST
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