इस नई तकनीक से उड़ सकते हैं आपके खाते से भी पैसे, कंपनी CEO को हैकर्स ने लगाई करोड़ों की चपत

News18Hindi
Updated: September 4, 2019, 5:41 PM IST
इस नई तकनीक से उड़ सकते हैं आपके खाते से भी पैसे, कंपनी CEO को हैकर्स ने लगाई करोड़ों की चपत
कुछ टेक एक्सपर्ट्स ने बताया कि ये हैकर्स हैकिंग और जालसाजी के लिए AI पर आधारित वॉइस जनरेटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं.

हैकर्स (Hackers) ने एआई (AI) की मदद से एक कंपनी के सीईओ (CEO) से 2,43,000 डॉलर यानी करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये की चपत लगा दी.

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  • Last Updated: September 4, 2019, 5:41 PM IST
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कहते हैं कि जब कोई नई तकनीक आती है तो वह जीवन को आसान बनाती है लेकिन ऐस तकनीकें कई बार अपने साथ समस्याएं भी लेकर आती हैं. आपने तमाम तरह के फ्रॉड के किस्से सुने होंगे, लेकिन अब हैकर्स AI तकनीक का प्रयोग करके आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं. दरअसल, इसी तरह की एक घटना में हैकर्स ने एआई तकनीक का इस्तेमाल करके कंपनी के एक सीईओ से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए. वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) में छपी एक खबर के अनुसार हैकर्स (Hackers) ने एआई (AI) की मदद से एक कंपनी के सीईओ से 2,43,000 डॉलर यानी करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये की चपत लगा दी.



रिपोर्ट के अनुसार जर्मन कंपनी के सीईओ की मिमिक्री करके यूके की कंपनी के सीईओ से ठगी की. दरअसल जर्मन कंपनी यूके की इस कंपनी की पैरेंट कंपनी है. घटना मार्च की है. एक दिन यूके बेस्ड इस कंपनी के सीईओ को जर्मन कंपनी के सीईओ का फोन आया. पर यह फोन वास्तविक सीईओ का नहीं बल्कि जालसाजों का था. लेकिन एआई तकनीक से इस आवाज़ को कुछ ऐसे बदला गया था कि यूके की कंपनी के सीईओ को कानोंकान भनक तक नहीं लगी. लिहाजा उन्होंने बिजनस डील समझकर हैकर्स के बताए हुए हंगरी (Hungary) के एक सप्लायर के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए. बाद में इन पैसों को और भी देशों में ट्रांसफर कर दिया गया.

एजेंसियों ने शुरू की जांच-

कुछ टेक एक्सपर्ट्स ने बताया कि ये हैकर्स हैकिंग और जालसाजी के लिए AI पर आधारित वॉइस जनरेटिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं. ये सॉफ्टवेयर इतने ज्यादा अपग्रेडेड और एडवांस हैं कि किसी की भी आवाज की हू-ब-हू मिमिक्री कर लेते हैं जिसे पहचान पाना लगभग असंभव है. जांच एजेंसियां इस फ्रॉड की पड़ताल में लगी हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है. लेकिन कंपनी के नुकसान की भरपाई हो गई है क्योंकि उसे इंश्योरेंस कंपनी ने भर दिया है.

भविष्य में बढ़ सकता है खतरा-
AI की मदद से किए जा रहे इस फ्रॉड को  Vishing या Voice Phishing कह सकते हैं. यही नहीं हैकर्स नकली आवाज़ निकालकर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. हालांकि, अभी इस तरह के मामले ज्यादा सामने नहीं आए हैं लेकिन निकट भविष्य में इसके खतरे की संभवना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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कैसे करें बचाव-
ध्यान रखें कि जब भी आपको इस तरह की कोई कॉल आए या फोन पर कोई पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाए तो बेहतर है कि आप दुबारा अपनी तरफ से फोन करके एक बार फिर से कन्फर्म कर लें. बड़े अमाउंट को ट्रांंसफर करने से पहले लिखित या ई-मेल के ज़रिए कन्फर्मेशन ले सकते हैं.

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First published: September 3, 2019, 4:47 PM IST
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