चंद्रयान-2 के लैंडर से संपर्क टूटा, लेकिन वर्ल्‍ड मीडिया ने की इसरो की तारीफ, कहा-अभी सब खत्‍म नहीं हुआ

भारत के चंद्रयान-2 (chandrayaan-2) मिशन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुईं थीं. हालांकि भारत को इस मिशन में लगे झटके के बाद भी वर्ल्‍ड मीडिया (Foreign Media) ने इसरो (ISRO) की तारीफ की है. अमेरिकी मैगजीन वायर्ड (Wired) के अनुसार इस मिशन में अभी सब कुछ खत्‍म नहीं हुआ है.

News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 11:51 AM IST
चंद्रयान-2 के लैंडर से संपर्क टूटा, लेकिन वर्ल्‍ड मीडिया ने की इसरो की तारीफ, कहा-अभी सब खत्‍म नहीं हुआ
सॉफ्ट लैडिंंग के आखिरी मिनटो में लैंडर विक्रम का इसरो सेे संपर्क टूट गया.
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Updated: September 7, 2019, 11:51 AM IST
नई दिल्‍ली: चंद्रयान-2 (Chandryaan-2) मिशन को शुक्रवार-शनिवार की देर रात उस समय झटका लगा, जब लैंडर विक्रम (Lander Vikram) से इसरो का संपर्क टूट गया. चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले विक्रम का पृथ्‍वी से संपर्क टूट गया. आखिरी 15 मिनट जो सबसे मुश्‍किल माने जा रहे थे, उसे ये मिशन पूरा नहीं कर पाया. भारत के इस अहम मिशन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुईं थीं. हालांकि भारत को इस मिशन में लगे झटके के बाद भी वर्ल्‍ड मीडिया (Foreign Media) ने इसरो (ISRO) की तारीफ की है. अमेरिकी मैगजीन वायर्ड (Wired) के अनुसार इस मिशन में अभी सब कुछ खत्‍म नहीं हुआ है.

चंद्रयान-2 (Chandryaan-2) के लैंडर विक्रम की आखिरी समय में सॉफ्ट लैंडिंग नहीं हो सकी. उससे पहले ही उसका इसरो से संपर्क टूट गया. इस खबर ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरी हैं. वर्ल्‍ड मीडिया इसरो की इस बात को लेकर तारीफ कर रहा है कि उसने चांद की उस डार्क सतह पर उतरने की कोशिश की, जहां उतरने की हिम्‍मत आज तक कोई नहीं कर पाया. आइए जानते हैं वर्ल्‍ड मीडिया ने इस मिशन पर क्‍या कहा....

अमेरिकी ऑनलाइन मैगजीन वायर्ड (Wired) के अनुसार, इस मिशन में अब तक सब कुछ खत्‍म नहीं हुआ है. हो सकता है कि लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग में नाकामी और प्रज्ञान रोवर से संपर्क खत्‍म होने से इसरो को झटका लगा हो, लेकिन मिशन में अभी सब कुछ खत्‍म नहीं हुआ है.

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने भी भारत के इस मिशन की तारीफ की है. न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने लिखा है, भले सॉफ्ट लैंडिंग में इसरो को नाकामी मिली हो, लेकिन ऑर्बिटर अभी भी ऑपरेशन में है. हालांकि सॉफ्ट लैंडिंग न हो पाने की वजह से भारत को एलीट क्‍लब में शामिल होने के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा.

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की तरह फ्रांस के अखबार ले मोंडे (Le Monde) ने अपने आर्टिकल की हैडलाइन दी, सपना टूटा. अखबार ने लिखा, सॉफ्ट लैंडिंग की सफलता का प्रतिशत बहुत कम है. सिर्फ 45 प्रतिशत मिशन ही अब तक कामयाब हुए हैं.

ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने लिखा, संपर्क टूटने से चंद्रयान-2 को आखिरी समय में नाकामी मिली. लेकिन फिर भी ये कई मायनो में अहम है. भारत वहां पहुंच रहा है जहां आने वाले समय में आदमी को बसाने की योजना है.

वॉशिंगटन पोस्‍ट ने अपने आर्टिकल में कहा, ये घटना भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष मिशन के लिए एक झटका है. हालांकि इस मिशन में जो कामयाबी मिली, वह देश की युवा आबादी के सपनों को साकार करने का जीता जागता उदाहरण है.

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First published: September 7, 2019, 11:51 AM IST
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