पुराने फोन नंबर से चुराया जा सकता है आपका पर्सनल डेटा, जानिए कैसे करें बचाव

पुराना नंबर से चुराया जा सकता है डेटा

आजकल दुनिया में तकनीक का दायरा बढ़ता जा रहा है. बढ़ती तकनीक के कारण एक तरफ जिंदगी आसान हो रही है तो दूसरी तरफ फ्रॉड और स्कैम भी बढ़ते जा रहे है. ऐसे में आज की तकनीकी दुनिया में खुद के पर्सनल डेटा को फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाये रखना भी काफी कठिन होता जा रहा है.

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    नई दिल्ली. आजकल दुनिया में तकनीक का दायरा बढ़ता जा रहा है. बढ़ती तकनीक के कारण एक तरफ जिंदगी आसान हो रही है तो दूसरी तरफ फ्रॉड और स्कैम भी बढ़ते जा रहे है. ऐसे में आज की तकनीकी दुनिया में खुद के पर्सनल डेटा को फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाये रखना भी काफी कठिन होता जा रहा है.

    ऐसे में जानिए की आप कैसे अपने पुराने नंबर से पर्सनल डेटा को बचाये रख सकते है, क्यूंकि आपका पुराना नंबर आपके सोशल मीडिया से लेकर आपके बैंकिंग डिटेल्स से जुड़ा रहता है. तो आइये आपको बताते है कि कैसे आपके पुराने नंबर से आपके पर्सनल डेटा को खतरा है.

    पुराने नंबर से रिलेटेड डेटा को एक्सेस करना नए यूजर के लिए आसान 

    आपको पता ही होगा कि जैसे ही आप कोई नया नंबर लेते है तो पुराने नंबर को टेलीकॉम कंपनी रीसायकल करके वही नंबर किसी और यूजर को असाइन कर देती है. टेलीकॉम कम्पनियां नंबर सीरीज को बढ़ने से रोकने के लिए ऐसा करती है. ऐसे में आपका पुराना नंबर अगर किसी नए यूजर को असाइन हो गया है तो उस पुराने नंबर से रिलेटेड डेटा को एक्सेस करना नए यूजर के लिए आसान हो जाता है.  इसके चलते आपकी प्राइवेसी और सेफ्टी को जोखिम में पड़ सकती है.

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    प्राइवेसी पर सबसे ज्यादा खतरा

    अमेरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आपके पुराने नंबर की रिसाइकल करने की पूरी प्रक्रिया ही सिक्योरिटी और प्राइवेसी पर सवालिया निशान खड़ा करती है. नया यूजर उस नंबर के जरिये पुराने यूजर की जानकारियां एक्सेस कर सकता है. आप नए नंबर का इस्तेमाल करने के साथ ही आप उस नंबर को अपने सभी डिजिटल खातों में अपडेट नहीं करते.

    जैसे की हो सकता है की बैंकिंग में नया नंबर आपने अपडेट कर दिया हो लेकिन किसी ई-कॉमर्स ऐप में आपका पुराना नंबर ही चल रहा हो. इस रिपोर्ट में बताया गया कि कैसे एक पत्रकार ने नया नंबर लिया और उसके बाद उसके पास ब्लड टेस्ट और स्पा अप्वाइंटमेंट के मैसेज आने लगे.

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    ओटीपी वाले मैसेज भी आते हैं

    इस रिसर्च में 200 रिसाइकल नंबर कि जांच एक सप्ताह तक हुई और नतीजे चौकाने वाले रहे. उस नंबर पर पुराने यूजर्स के कॉल और मैसेज आ रहे थे. इनमे कई बार ऑथेंटिकेशन वाले मैसेज और ओटीपी वाले भी मैसेज आये. रिसर्चर्स ने ऐसे होने वाले 8 खतरों को लिस्ट किया. जिनमे फिशिंग अटैक से लेकर विभिन्न अलर्ट, समाचार पत्र, अभियान और रोबोकॉल के लिए साइन अप करना शामिल है.