मंदिर में घुसकर सीसीटीवी मोड़ा और उड़ा ले गए दो करोड़ की मूर्ति

पूर्णिया के मंदिर में हुई चोरी की घटना के बाद मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारी

पूर्णिया के मंदिर में हुई चोरी की घटना के बाद मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारी

पूर्णिया (Purnia) में अब मंदिर में भगवान भी सुरक्षित नहीं हैं. शहर के एक पुराने मंदिर से अष्टधातु की तीन मूर्तियां (Statue) चोरी हो गई हैं. मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है.

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पूर्णिया. चोरों ने पूर्णिया (Purnia) में भगवान के घर यानि मंदिर को निशाना बनाया है. शहर के सहायक खजांची थाना के रजनी चौक के पास सौ साल पुरानी राम जानकी ठाकुरबाड़ी से चोर अष्टधातु की तीन मूर्तियां (Statue) चुरा ले गए. भगवान राम, लक्ष्मण और सीता माता की अष्टधातु की ये तीनों मूर्तियां 1922 ईस्वी की ही बताई जाती हैं. चोरी की सूचना मिलते ही मंदिर प्रांगण में सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई.

लोगों ने पुजारी पर ही लगाया आरोप

चोरी की घटना के बाद लोग हंगामा करने लगे. स्थानीय लोगों ने मंदिर के पुजारी मुरारी बाबा पर ही मूर्ति चोरी का आरोप लगाया है. चोर इतने शातिर थे कि मंदिर में लगे सीसी टीवी कैमरा का रुख भी दूसरी ओर मोड़ दिया इसके अलावे डीवीआर से भी छेड़छाड़ की. स्थानीय अनिल चौधरी और अशोक मिश्रा ने बताया कि चोरी गयी मूर्तियां सौ साल पुरानी हैं जिनका अन्तर्राष्ट्रीय मूल्य तकरीबन दो करोड़ रुपये है. उन्होंने मंदिर के पुजारी मुरारी बाबा पर ही आरोप लगाते हुये कहा कि उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है. वो मंदिर के पास सोये थे इसके बावजूद भी कैसे मूर्ति की चोरी हुई इसकी जांच की जाए.



सीसीटीवी से नहीं मिले सुराग
मंदिर के पुजारी ने कहा कि मुरारी बाबा पर लगे आरोप गलत हैं. उन्होंने कहा कि सुबह में जब वो लोग जागे तो देखा कि मंदिर का ताला टूटा है और मंदिर से तीनों अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गई हैं. मंदिर से सैकड़ों साल पुरानी मूर्ति की चोरी की सूचना मिलते ही एसपी विशाल शर्मा खुद मौके पर पहुंचे. एसपी ने कहा तीनों मूर्तिंया अष्टधातु की है जो काफी पुरानी हैं. उन्होंने कहा कि सीसीटीवी से कुछ खास नहीं मिल पाया है लेकिन उन लोगों को कुछ लीड मिला है. जल्द ही मामले पर से पर्दाफाश हो जायेगा.

पहले भी हुई है चोरी

पुलिस ने मुख्य पुजारी मुरारी बाबा को भी हिरासत में लिया है. पूर्णिया में मंदिर से मूर्तियों की चोरी की घटना पहली नहीं है. इससे पहले 2015 में रामनगर से भी करोड़ों रुपये के अष्टधातु की मूर्ति की चोरी हुई थी. इसके अलावा कई मंदिरों से मूर्तियों की चोरी हुई हैं.

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