इस छात्रावास में न तो पानी है और न ही बिजली

मोमबत्‍ती की रोशनी में पढ़ाई करते छात्र.

मोमबत्‍ती की रोशनी में पढ़ाई करते छात्र.

छत्‍तीसगढ़ में कोरिया जिला मुख्यालय से लगभग सत्तर किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत रामगढ़ में संचालित प्री मैट्रिक बालक छात्रावास में न तो बच्‍चों के लिए पीने के पानी की व्‍यवस्‍था है और न ही बिजली की.

  • Share this:

छत्‍तीसगढ़ में कोरिया जिला मुख्यालय से लगभग सत्तर किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत रामगढ़ में संचालित प्री मैट्रिक बालक छात्रावास के बच्चों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं. यहां न तो बच्‍चों के लिए पीने के पानी की व्‍यवस्‍था है और न ही बिजली की.

सोनहत विकासखंड की ग्राम पंचायत रामगढ़ में प्री मैट्रिक बालक छात्रावास संचालित है. यहां पचास बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं. इस छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लंबे समय से बना हुआ है. छात्रावास में सबसे बड़ी समस्या पानी को लेकर है. छात्रावास परिसर में जो हैंडपंप लगा हुआ है, उसमें पांच साल से लाल पानी निकल रहा है.

इसे लेकर छात्रावास के बच्चों ने कई बार जिले के आला अधिकारियों व छात्रावास अधीक्षक को जानकारी दी, लेकिन आज तक सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं हुआ. यही वजह है कि जिन बच्चों को छात्रावास में पढ़ने के लिए रखा गया है, वे बच्चे सुबह उठ कर वन चौकी जाकर पानी लाते हैं.



छात्रावास में दूसरी सबसे बड़ी समस्या बिजली को लेकर बनी हुई है. दरअसल रामगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा प्रदाय की जाने वाली बिजली नहीं है. इसके चलते यहां सौर ऊर्जा की व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां जो सौर ऊर्जा लैंप लगाए गए हैं, वे नौ बजते-बजते बंद हो जाते हैं. इस कारण बच्चों को ढिबरी या मोमबत्‍ती की रोशनी में पढ़ना पड़ता है.
छात्रावास के बच्चों ने बताया कि उनके लिए जो मीनू बनाया गया है, उसके हिसाब से कभी खाना नहीं मिलता. सप्ताह में उन्हें तीन-चार दिन ही हरी सब्जी दी जाती है, बाकी दिन सिर्फ चावल-दाल ही मिलता है. कई बार खाना भी सुरुचिपू‍र्ण नहीं होता, जिसके चलते उनका पेट भी नहीं भर पाता.

इन समस्याओं के संबंध में जब छात्रावास अधीक्षक से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि उन्होंने हाल ही में पदभार ग्रहण किया है. यहां की समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत कराएंगे. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चे इतने लंबे समय से यहां मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं तो आखिर जिले के जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज