नेताओं ने 'उर्जा प्रदेश' के सिर्फ नारे दिए, गज्जे सिंह रावत ने बनाया हकीकत

नेताओं ने 'उर्जा प्रदेश' के सिर्फ नारे दिए, गज्जे सिंह रावत ने बनाया हकीकत
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मसूरी के क्यारकुली गांव के किसान गज्जे सिंह रावत ने अपने गांव के एक इलेक्ट्रो मैकेनिकल घराट स्थापित किया. इस घराट से गज्जे सिंह ने पांच किलो वाट की बिजली पैदा भी की.

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नेताओं ने उत्तराखंड को कभी आयुष प्रदेश, कभी पर्यटन प्रदेश तो कभी उर्जा प्रदेश बनाने का नारा देकर राजनीतिक रोटियां सेकी, लेकिन हकीकत में कभी ऐसा नारा धरातल पर नहीं उतरा. मसूरी के एक किसान ने खुद के संसाधन से बिजली पैदा कर सरकारी नारे को आइना दिखाने का काम किया है.

मसूरी के क्यारकुली गांव के किसान गज्जे सिंह रावत ने अपने गांव के एक इलेक्ट्रो मैकेनिकल घराट स्थापित किया. इस घराट से गज्जे सिंह ने पांच किलो वाट की बिजली पैदा भी की. साथ ही आटा पिसाई का काम भी शुरु किया. इस वजह से गज्जे सिंह आज सरकारी बिजली से ज्यादा खुद के संसाधनों से पैदा की गई बिजली का इस्तेमाल कर रहा है.

क्यारकुली गांव निवासी राकेश रावत के अनुसार जिस स्थान पर बिजली पहुंचाना मुश्किल था, वहीं पर गज्जे सिंह रावत ने अपनी खुद की बिजली पैदा कर एक मिसाल पेश की है. लोगों का कहना है कि बड़े बांधो को बनाने के बजाय छोटे-छोटे इस तरह के प्रोजेक्ट बनाए जाए तो उर्जा प्रदेश बनने का सपना साकार हो सकता है.



गज्जे सिंह रावत ने कहा कि उनको उर्जा विभाग ने भी सहयोग किया है. उन्होने कहा कि गाड़-गदेरें का पानी एकत्र कर पांच किलो वाट बिजली पैदा की है. इस तरह गज्जे सिंह रावत ने अपने घर सहित अपने पुरे क्षेत्र को रोशन करने का काम किया है और साथ ही लोगों के लिए एक प्रेरणा के स्रोत भी बने हैं.
First published: January 22, 2017, 6:10 PM IST
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