जरुरतमंद और वंचितों से मिल कर कभी पिघलीं तो कभी सख्त हुईं महामहिम

जरुरतमंद और वंचितों से मिल कर कभी पिघलीं तो कभी सख्त हुईं महामहिम
वृद्धाश्रम में रह रही महिलाओं से मिलने के बाद तो राज्यपाल बेहद भावुक हो गईं और प्रदेश की युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के मान सम्मान की सीख भी दे दी.

वृद्धाश्रम में रह रही महिलाओं से मिलने के बाद तो राज्यपाल बेहद भावुक हो गईं और प्रदेश की युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के मान सम्मान की सीख भी दे दी.

  • Last Updated: February 16, 2016, 9:04 PM IST
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सरकारी योजनाओं के तहत झारखंड की राजधानी रांची में चलाए जा रहे वृद्धाश्रम, बालाश्रय, डिसेब्लड स्कूल और गर्ल्स हॉस्टल का हाल जानने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू राजभवन से निकलीं.

सचिव एसके सतपथी और अन्य पदाधिकारियों के साथ इन संस्थानों का निरीक्षण करते वक्त कभी राज्यपाल भावुक दिखीं तो कभी सख्त. वृद्धाश्रम में रह रही महिलाओं से मिलने के बाद तो राज्यपाल बेहद भावुक हो गईं और प्रदेश की युवा पीढ़ी को बुजुर्गों के मान सम्मान की सीख भी दे दी.

युवाओं को दी सीख



राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू लटमा के वृद्धाश्रम गईं, जहां अपने ही लोगों द्वारा परित्यक्त वृद्ध महिलाएं रहती हैं. 'अपना घर' नाम से चलाए जा रहे इस वृद्धाश्रम की सिस्टर एम्मा ने जब इन वृद्ध माताओं के दर्द को आवाज दी तो राज्यपाल बेहद भावुक हो गईं. सिस्टर एम्मा ने बताया कि बुजुर्गों की आंखें हमेशा दरवाजे पर ही टिकी रहती हैं कि कोई अपना हाल सुनाने-पूछने आ जाए.
उन्होंने कहा कि अपना घर में कई वृद्ध महिलाएं अपने बच्चों और पोते-नातियों के इंतजार में उन्हें एक नजर देखने की ख्वाहिश में दुनिया छोड़ देती हैं, पर कोई हाल पूछने तक नहीं आता.

बेहद भावुक हुईं राज्यपाल ने राज्य के युवा वर्ग से अपने माता-पिता की देखभाल करने की सीख दी और कहा कि युवा वर्ग यह नहीं भूलें कि एक दिन वह भी इस दौर से गुजरेंगे. राज्यपाल ने कहा कि माता-पिता भगवान की तरह होते हैं. ऐसा करने से भगवान कभी माफ नहीं करेगा.

सुविधा और सुरक्षा का लिया जायजा

वृद्धाश्रम के बाद राज्यपाल डिसेब्लड बच्चों के विद्यालय दीपशिखा गयीं जहां उन्होनें मेंटल डिसेब्लड, सेरेब्रल पॉल्सी ,ऑटिज्म जैसे बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को देखा. उन्हें दुलारा. उनकी सुविधा और सुरक्षा का जायजा लिया. यहां की निदेशक सुधा लील्हा ने राज्यपाल से कहा कि सरकार द्वारा इन डिसेब्लड बच्चों के लिए सुविधाओं में और इजाफा कराएं.

मंगलवार के अपने व्यस्त कार्यक्रम में राज्यपाल का अंतिम पड़ाव रांची महिला महाविद्यालय का एसटी गर्ल्स हॉस्टल रहा. यहां की व्यवस्था से वह बेहद नाराज दिखीं और कहा कि वह यहां की समस्याओं को लेकर सरकार को निर्देश दूंगी. उन्होंने कहा कि टॉयलेट से लेकर पानी तक की व्यवस्था सही नहीं दिखी. उन्‍होंने यहां रिनोवेशन की बात भी कही.

फिलहाल, राज्यपाल ने मंगलवार को करीब पांच घंटें तक राजधानी के एक के बाद एक उन संस्थानों का जायजा लिया, जहां सरकार की योजनाओं से जनहित के काम हो रहे हैं.

समाज के जरुरतमंद लोगों के जीवन में राज्यपाल के इस निरीक्षण का लाभ यदि पहुंचता है तो यह एक सार्थक पहल होगी.
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