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यहां के युवाओं का करियर है खतरे में, गांव का नाम सुनते ही नहीं देता कोई नौकरी

यहां के युवाओं का करियर है खतरे में, गांव का नाम सुनते ही नहीं देता कोई नौकरी

(News18hindi.com)

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अचानक भीड़ ने न केवल दो परिवार तबाह कर दिए, बल्कि गांव के लोगों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया. इस कांड के बाद हालत ये हो गई है कि इस गांव के युवाओं को कंपनियां नौकरी देने से सीधे इनकार कर देती हैं.

दादरी। दादरी के पास एक गांव है बिसाहड़ा. 2015 में एक ऐसा हादसा हुआ कि लोग अब इसे अखलाक की वजह से जानने लगे हैं. दरअसल, सैकड़ों साल पुराने इस गांव में 28 सितंबर, 2015 की रात तक हिंदू-मुस्‍लिम एक परिवार की तरह रहते थे. लेकिन इस रात इस गांव को जैसे किसी की नजर लग गई।

अचानक भीड़ ने न केवल दो परिवार तबाह कर दिए, बल्कि गांव के लोगों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया. इस कांड के बाद हालत ये हो गई है कि इस गांव के युवाओं को कंपनियां नौकरी देने से सीधे इनकार कर देती हैं. बेराजगारी झेल रहे पढ़े-लिखे युवाओं ने चुनाव कवरेज करने निकली news18india.com की टीम से अपना दर्द सांझा किया...

गांव का नाम पता चलते ही कर देते हैं इनकार
डिप्लोमा करके नौकरी तलाश रहे पुनित कुमार बताते हैं काश वो रात न होती तो हम बेराजगार न होते. गांव की इमेज खराब कर दी गई है। समझ नहीं आता कि हम सभी करें क्‍या. नौकरी के लिए अर्जी देते हैं, संबंधित कंपनियां बुलाती भी हैं, लेकिन जॉब नहीं देतीं. गांव का नाम पता चलते ही उल्टे पांव लौटा दिया जाता है. कहते हैं कि झगड़ा करता होगा.

बता दें कि बिसाहड़ा में 52 साल के मोहम्मद अखलाक सैफी की गोहत्‍या के आरोप में भीड़ ने हत्या कर दी थी, जबकि उनके 22 साल के बेटे दानिश को बुरी तरह घायल कर दिया था. अब अखलाक का परिवार सरकारी सुरक्षा में कहीं और रहता है.

इंटरव्यू के लिए बुलाया, लेकिन लिया नहीं
नरेश सिंह कहते हैं- मैं कुछ दिन पहले ही एक निजी कंपनी में जॉब के सिलसिले में गया था. कंपनी ने सबका इंटरव्यू तो लिया, लेकिन मुझसे बिना बात किए वापस कर दिया. इससे पहले भी मेरे साथ ऐसा हुआ था. अब तो मैंने जॉब के लिए अर्जी देना ही छोड़ दिया है. कुछ ऐसी ही व्‍यथा मनोज कुमार, विक्रम सिंह, विशाल राणा और मोनू राणा की भी है.

बेराजगारी की वजह से नहीं हो रही शादी
गांव में लोग बताते हैं- लगभग 1000 से ज्यादा योग्य लड़के और लड़कियां धक्के खा रहे हैं. बेराजगार होने की वजह से लड़कों की शादी में भी अड़चन आ रही है. इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ नेता और मीडिया वाले हैं. उन्‍होंने यहां की इमेज खराब की है. अखलाक मामले के बाद भी हम संभल सकते थे, लेकिन लोगों ने हमें संभलने ही नहीं दिया. आग में सिर्फ धी डाला गया, पानी डालने कोई नहीं आया.

Tags: BJP

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