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UP Votes: दादरी का दर्द- सभी पार्टियों ने किया छल, चुनाव का बहिष्कार कर सकता है विसाहड़ा गांव

2015 में विसाहड़ा गांव गाय को कथिततौर पर मारने के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा. यहां राहुल गांधी से लेकर अरविंद केजरीवाल तक आए, लेकिन गांव का उचित विकास नहीं हुआ.

  • News18India.com
  • | January 31, 2017, 08:23 IST
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    हाइलाइट्स

    14:32 (IST)

    अखलाक मामले के बाद उपजी कड़वाहट के बारे में रमेश सिंह कहते हैं- ना जी, हम तो सभी पहले जैसे ही रहते हैं, लेकिन अब वो महौल नहीं है. बस गांव में रह भर रहे हैं सभी. कुछ पुलिस ने खराब किया बचा हुआ नेताओं ने बर्बाद कर दिया. मीडिया भी उतनी पॉजिटिव नहीं रही.


    14:28 (IST)

    लालू हलवाई कहते हैं- नोटबंदी से हमें फायदा हआ है. सीट तो बीजेपी के मास्टर तेजपाल सिंह नागर ही निकालेंगे. हालांकि 2015 के मामले के बाद से हम सभी का दिल टूट गया है. हम अब वोट नहीं करना चाहते.


    14:22 (IST)

    योगेंद्र शर्मा कहते हैं- नेता लेता... ना कुछ देता... बस बातें हैं बड़ी-बड़ी... चुनाव ही नहीं हम तो नेता का भी विरोध करते हैं...


    14:10 (IST)

    गांव की साध्वी हरसिद्धि गिरी का कहना है- क्या कोई मंदिर-मस्जिद बैर कराते हैं? जी नहीं, ऐसा कहीं नहीं होता. लेकिन जो यहां हुआ वो सरासर गलत हुआ. सबसे बड़ी बात ये है कि जो लोग आए भी वे सिर्फ अपने फायदे की बात करते थे. चाहे वो हैदराबाद से आया हो या फिर सैफई से.


    14:03 (IST)

    गांव में रहने वाले संजय शर्मा बताते हैं- एनटीपीसी से यहां तक के लिए रोड बन रहा था, लेकिन जब दादरी का नंबर आया तो काम रोक दिया. क्यों ऐसा हुआ ये जानकारी हमें दी ही नहीं? बताइए ऐसा होता है क्या?


    13:58 (IST)

    10 साल से बीएसपी के सतवीर गुर्जर यहां विधायक हैं, लेकिन अखलाक मामले के दौरान ही यहां आए. उसके पहले कभी नहीं दिखे थे. हमारे सामने तो वो आ भी नहीं सकते.

    13:54 (IST)

    गांव के लोग चुनाव में वोट नहीं करना चाहते, क्योंकि नेता वोट लेने के बाद कभी लौटकर गांव नहीं आए. जब यहां विवाद हुआ तो खूब राजनीति की रोटी तो खूब सेकी गई, लेकिन विकास के लिए कोई आगे नहीं आया.

    13:51 (IST)

    इस गांव का विकास सिर्फ नेताओं के वादों में ही हुआ. यहां न तो हॉस्पिटल है और न ही एटीएम.


    दादरी। यूपी में विधानसभा चुनाव का दंगल शुरू हो चुका है. विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार अपने वादों से पब्लिक को लुभाने में लगे हुए हैं.  मौजूदा विधायक अपने काम को गिनाकर खुद के लिए आशीर्वाद (वोट) मांग रहे हैं.  लेकिन, यूपी के दादरी विधानसभा क्षेत्र में एक ऐसा गांव भी है, जहां के लोग चुनाव का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं. वो गांव है-विसाहड़ा.

    ये वही गांव है, जो 2015 में  अचानक एक हादसे के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था. कथिततौर पर गाय की हत्या के बाद उपजे विवाद की वजह से सभी पार्टियों की राजनीति का केंद्र बन गया था. राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल से लेकर महेश शर्मा तक ने दौरा किया. और विकास के तरह-तरह के वादे किए, लेकिन डेढ़ साल बाद भी वो गांव वैसा का वैसा ही है.

    इस गांव में सोमवार को news18hindi.com की टीम (ओमप्रकाश, नासिर हुसैन, नित्यानंद पाठक और गौरी शंकर ) ने दौरा किया और चुनाव के रुख पर भी बात की. इसे फेसबुक लाइव के माध्यम से आप तक पहुंचाया. गांव की हालत गांववालों की जुबानी जानने के लिए वीडियो देखें, साथ ही जानें आखिर क्यों इस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार करना चाहते हैं...
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