बस हादसा: दुर्गेश को इस तरह मौत से 1.5 किमी दूर ले गए पुलिस वाले, वर्ना...

दुर्गेश और उसके परिजन बार-बार ऊपर वाले का शुक्रिया अदा कर रहे हैं. बीच-बीच में आंखों से आंसू भी आ रहे हैं. क्योंकि इस हादसे में दुर्गेश बाल-बाल बचा है.

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 9:43 PM IST
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 9:43 PM IST
यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा में हुए बस हादसे ने बेशक सभी को झकझोर दिया है. कई घरों में मातम पसरा हुआ है. राष्ट्रपति, पीएम नरेन्द्र मोदी, राहुल गांधी, सीएम योगी तक ने इस हादसे पर दुख जताया है. वहीं आगरा का रहने वाला दुर्गेश  और उसके परिजन बार-बार ऊपर वाले का शुक्रिया अदा कर रहे हैं. बीच-बीच में आंखों से आंसू भी आ रहे हैं. क्योंकि इस हादसे में दुर्गेश  बाल-बाल बचा है.

दयालबाग, आगरा में पढ़ाई कर रहा दुर्गेश भरतपुर का रहने वाला है.  सोमवार को दिल्ली जा रहा था. यहां उसे कोई टेस्ट देना था, जिसके लिए उसे सेंटर पर सुबह 6.30 बजे रिपोर्ट करनी थी. दुर्गेश  ने बताया, “दिल्ली जाने के लिए मैं घर से सुबह तीन बजे ही निकल आया.

यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले मोड़ पर खड़ा हो गया. मैंने यह पहले ही पता कर लिया था कि लखनऊ से चलकर दिल्ली की ओर जाने वाली जनरथ बस (हादसे का शिकार हुई बस) सेवा 3.30 से 4 बजे के बीच में यहां से गुजरेगी.

फोटो- ऊपर वाले का लाख-लाख शुक्र अदा करते दुर्गेश के परिजन.


मैं मोड़ पर खड़ा होकर बस का इंतजार कर रहा था. तभी करीब 3.45 बजे कुछ पुलिस वाले मेरे पास आए और पूछा कि यहां कैसे खड़े हो. मैंने उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने कहा कि यहां पर कोई बस नहीं रुकेगी. तुम यमुना एक्सप्रेसवे पर ऊपर जाओ तो शायद कोई बस रुक जाए. लेकिन वो रास्ता एक से डेढ़ किमी का था.

फोटो- झरना नाले में से निकाली गई हादसे का शिकार हुई बस.


यह देखकर पुलिस वालों ने मुझे अपनी गाड़ी में बैठा लिया और यमुना एक्सप्रेसवे पर आ गए. फिर टॉर्च की रोशनी से उन्होंने एक बस रुकवाई और मुझे उसमे बैठा दिया. जबकि उसके ठीक पीछे ही जनरथ बस सेवा आ रही थी. जब मैं दिल्ली पहुंचा तो मेरे दोस्त ने मुझे फोन कर हादसे की जानकारी दी और मेरा हालचाल लिया. मुझे रास्ते में ही पता चल गया था कि हादसे का शिकार हुई जनरथ बस एक्सीडेंट से पहले इस बस के पीछे ही चल रही थी.”
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फोटो- नाले में से बस को निकालने में मदद करते गांव वाले.


गौरतलब रहे कि सोमवार को जनरथ बस यमुना एक्सप्रेसवे से नीचे झरना नाले में गिरकर हादसे का शिकार हो गई थी. इस हादसे में 30 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 22 लोग घायल हैं.

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First published: July 9, 2019, 12:56 PM IST
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