तीसरी बार एक साथ 30 से ज्यादा लाशें देखकर ये बोला पोस्टमार्टम हाउस का कर्मचारी

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Updated: July 10, 2019, 11:43 AM IST
तीसरी बार एक साथ 30 से ज्यादा लाशें देखकर ये बोला पोस्टमार्टम हाउस का कर्मचारी
फोटो- यमुना एक्सप्रेसवे के नीचे खड़ी हादसे का शिकार हुई बस.

बनवरी एक-एक लाश को अपने हाथों से उतरवाकर नाम-पते के टैग के साथ रखवा रहे थे. डॉक्टरों की मदद भी कर रहे थे. लेकिन सोमवार सुबह से मंगलवार की सुबह तक 30 लोगों का पोस्टमार्टम कराने वाले बनवारी अब टूट चुके हैं.

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सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा पर हुए बस हादसे में 30 यात्रियों की मौत हो गई थी. सभी 30 मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए एसएन अस्पताल, आगरा भेजे गए थे. वैसे तो पोस्टमार्टम हाउस में काम करते हुए बनवारी को 19 साल हो चुके हैं. दिन-रात लाशों के बीच ही गुजरते हैं. लेकिन एक साथ 30 से अधिक लाशों को देखने का यह तीसरा मौका था.

सोमवार को बनवरी एक-एक लाश को अपने हाथों से उतरवाकर नाम-पते के टैग के साथ रखवा रहे थे. पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की मदद भी कर रहे थे. लेकिन सोमवार सुबह से मंगलवार की सुबह तक 30 लोगों का पोस्टमार्टम कराने वाले बनवारी अब टूट चुके हैं. न्यूज18 हिन्दी से उन्होंने अपना दर्द साझा किया.

बनवारी का कहना है, “इस बस हादसे में 30 लाशें पोस्टमार्टम के लिए आईं थी. इससे पहले 2018 में शहर में बहुत तेज आंधी आई थी. उस दौरान शहर और गांव में मिलाकर करीब 40 से अधिक मौतें हुईं थी. वहीं 2002 में एक जूता फैक्ट्री में आग लग गई थी. उस हादसे में 44 लोगों की मौत हुई थी. तब भी मैंने ही सभी लाशों का पोस्टमार्टम कराया था. एक साथ दो और चार लाशों का पोस्टमार्टम कराने का तो कोई हिसाब ही नहीं है.

फोटो- हादसे के बाद नाले और बस में से निकाला गया मृत और घायल यात्रियों का सामान.


लेकिन लापरवाही के चलते इतनी मौत होने पर दिल रोने लगता है. दिल-दिमाग में बस ये ही ख्याल आता है कि अब इसके बीवी-बच्चे क्या करेंगे, घर कैसे चलेगा. हो सकता है कि घर में यह अकेला ही कमाने वाला हो. काश की यह लापरवाही नहीं हुई होती तो यह सभी लोग जिंदा होते. अपने-अपने घरों में परिवार के साथ होते.

सच पूछो तो अब इतनी लाशें एक साथ नहीं देखी जाती हैं. अब ज़रा भी मन नहीं करता कि पोस्टमार्टम हाउस की नौकरी करूं. लाशों की भीड़ में बच्चों को देखकर कलेजा मुंह को आने लगता है. सोचता हूं कि अभी तो इसने दुनिया देखी भी नहीं थी और इस उम्र में चला गया. अब तो ऊपर वाले से बस एक ही दुआ है कि ऐसा मंजर चौथी बार देखने को न मिले.”

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First published: July 10, 2019, 11:43 AM IST
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