UP: आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 52 ग्राम पंचायतों में नहीं होगा चुनाव, जानें क्‍या है वजह

कॉसेप्ट इमेज.
कॉसेप्ट इमेज.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) में 52 ग्राम पंचायतों (52 Gram Panchayats) पर चुनाव होना था, जो अब नहीं होगा. ये गांव नवसृजित नगर पंचायत और सीमा विस्तार में नगरीय दर्जा पा चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 3:33 PM IST
  • Share this:
सिद्धार्थ नगर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इसी के साथ ही गांव की राजनीति में रंग भी आने लगा है. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 52 ग्राम पंचायतों (52 Gram Panchayats) पर चुनाव होना था, जो अब नहीं होगा. ये गांव नवसृजित नगर पंचायत और सीमा विस्तार में नगरीय दर्जा पा चुके हैं. शासन ने 5 नए नगर पंचायत और दो निकाय का सीमा विस्तार किया है. सर्वाधिक 13 ग्राम पंचायत नवसृजित नगर पंचायत भारत भारी में शामिल हुए हैं. सबसे कम कपिलवस्तु के हिस्से में दो गांव आए हैं.

2015 में 1199 ग्राम पंचायत में चुनाव की प्रक्रिया हुई थी इस बार 52 कम हो जाएगी, जिससे संख्या 1147 हो जाएगी. 24 ऐसी ग्राम पंचायत हैं जिनका आंशिक हिस्सा नगरी निकाय में समाहित किया गया है. पंचायती राज विभाग इनका परीक्षण कर रहा है. इसके बाद संख्या में भी बदलाव संभव है. सहायक चुनाव अधिकारी हरिचरण लाल के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. चुनाव आयोग से निर्देश मिलने लगे हैं. पांच नगर पंचायतों और दो सीमा का विस्तार होने के बाद कई ग्राम पंचायतों का इसमें विलय हो गया है, जिससे संख्या में बदलाव संभव है. पंचायती राज विभाग इसका परीक्षण कर रहा है और रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है.

UP By Election: बांगरमऊ में कुलदीप सिंह सेंगर का ऑप्शन तलाश रही बीजेपी, डिप्टी सीएम और जलशक्ति मंत्री ने लिया फीडबैक



नवसृजित नगर पंचायत
>>बढ़नी चाफा के 7,
>>भारतभारी के 13,
>> इटावा के 10,
>> बिस्कोहर के 8,
>> कपिलवस्तु के 2,
>>सीमा विस्तार में आए ग्राम पंचायत
>> नगरपालिका सिद्धार्थनगर के 11,
>>नगर पंचायत शोहरतगढ़ के 2

कुल 52 गांव सभाओं में नहीं होगा ग्राम प्रधानों का चुनाव
प्रशासन ने पांच नगर पंचायत का सृजन किया है एवं दो नगर पंचायतों की सीमा का विस्तार किया है, जिसकी वजह से 52 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का चुनाव नहीं होगा. हालांकि संख्या में बदलाव भी संभव है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज