राम मंदिर के लिए तमिलनाडु से पहुंचा 613 किलो का घंटा, इससे निकलेगी 'ॐ' की ध्वनि

राम मंदिर के लिए तमिलनाडु से  613 किलो का घंटा आया है.
राम मंदिर के लिए तमिलनाडु से 613 किलो का घंटा आया है.

रामेश्‍वरम से आया यह विशेष घंटा रामलला (Ramlala) को भेंट किया जाएगा. लाने वालों का दावा है कि इसकी आवाज 10 किलोमीटर तक सुनाई देगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 12:19 PM IST
  • Share this:
अयोध्या. राम जन्मभूमि (Ram Janmbhoomi) परिसर में रामलला के नये मंदिर के लिए एक खास तरह का घंटा भेंट किया जाएगा. इस घंटे को भेंट करने वाले लोगों का कहना है कि इसकी आवाज 10 किलोमीटर तक सुनाई देगी. उनका दावा है कि इस घंटे को बजाने पर 'ॐ' की ध्वनि सुनाई देगी. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के रामेश्वरम से 613 किलो वजनी कांसे से बना यह विशेष घंटा रामरथ यात्रा (Rath Yatra) से 4500 किलोमीटर की यात्रा करके मंगलवार को अयोध्या (Ayodhya) पहुंचा. भगवान श्रीराम को यह विशेष घंटा तमिलनाडु की लीगल राइट काउंसिल की ओर से भेंट किया जाएगा.

वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी बुलेट रानी के नाम से प्रसिद्ध राजलक्ष्मी माडा रामरथ को खुद चलाकर घंटे को लकर अयोध्या पहुंची हैं. तमिलनाडु की रहने वाली राजलक्ष्मी मांडा विश्व में दूसरी महिला हैं, जिन्होंने 9.5 टन वजन खींचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. रामरथ में जहां एक ओर कांसे से बना 613 किलो वजनी विशेष घंटा रखा गया, वहीं भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मणजी, हनुमानजी के साथ गणपति की कांसे की प्रतिमाएं रख कर लाई गई हैं.

UP: टूंडला सीट पर BJP फिर से मारेगी बाजी या बदलेगा परिणाम, जानें कैसा है यहां का इतिहास



राम मंदिर ट्रस्ट करेंगे भेंट
विशेष घंटे को रामलला को रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय में भेंट किया जाएगा. रामरथ यात्रा 17 सितंबर को अयोध्या के लिए चली थी. यह तमिलनाडु से अयोध्या के बीच में 10 राज्यों से होकर गुजरी है. राज लक्ष्मी के मुताबिक जगह-जगह इस घंटे और भगवान श्री राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और गणेश की मूर्ति का पूजन किया गया. रामरथ यात्रा में कुल 18 लोग तमिलनाडु से अयोध्या पहुंचे हैं.

चार फीट ऊंचा है यह घंटा
विशेष आकार के घंटे का वजन 613 किलो है. यह खास तरह के कांसे से बना है. इसकी चौड़ाई 3.9 फीट है और इसकी ऊंचाई 4 फीट है. राजलक्ष्मी मांडा ने बताया कि भगवान श्रीराम के रथ को वह तमिलनाडु से अयोध्या तक खुद चला कर लाई हैं. उनको बहुत खुशी है कि बुधवार को वह रामलला के दरबार में इस विशेष घंटा और मूर्तियों को भेंट करेंगी. उनका कहना है कि उनका जीवन धन्य हो गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज