आर्टिकल 370ः न चार दिन से कुछ खाया है, न घर लौटने के पैसे, यूपी-बिहार के लोगों का घाटी में हाल-बेहाल

कश्मीर (Kashmir) के लोगों ने इन्हें वेतन देने से भी मना कर दिया है. साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और सेना (Indian Army) की सख्ती के बाद इन सभी लोगों को उन्होंने काम से निकाल दिया है और अपने घर लौटने के लिए कह दिया है.

News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 10:21 AM IST
आर्टिकल 370ः न चार दिन से कुछ खाया है, न घर लौटने के पैसे, यूपी-बिहार के लोगों का घाटी में हाल-बेहाल
जम्मू के रेलवे स्टेशन पर अपने घर जाने के लिए पहुंचे हजारों की संख्या में लोग.
News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 10:21 AM IST
केंद्र की ओर से आर्टिकल 370 (Article 370) में संशोधन के बाद से कश्मीर (Kashmir) में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बाद अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar) और झारखंड (Jharkhand) के हजारों गरीब लोग अब वापस अपने घर जाने के लिए मजबूर हैं. ये सभी वे लोग हैं जो यहां पर रहकर मजदूरी करते हैं और किसी तरह अपना परिवार चलाते हैं. लेकिन अब हालात यह हैं कि ये लोग चार दिनों से भूखे प्यासे सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर के जम्मू पहुंच रहे हैं और इनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि अपने गांव तक जाने के लिए टिकट खरीद सकें.

नहीं दे रहे वेतन
इन लोगों ने बताया कि अब कश्मीरी लोगों ने इन्हें वेतन देने से भी मना कर दिया है. साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और सेना की सख्ती के बाद इन सभी लोगों को उन्होंने काम से निकाल दिया है और अपने घर लौटने के लिए कह दिया है. इसके बाद अब इनके पास कोई चारा नहीं बचा है. न इनके पास अब रहने को वहां पर घर है और न ही ये लोग अब कश्मीर में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

घाटी में अभी भी धारा 144 लागू है


न कोई बस, न टैंपो, पैदल आने को मजबूर
जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंचे एक मजदूर जगदीश माथुर ने बताया कि हम श्रीनगर से आ रहे हैं, कई किलोमीटर की यात्रा पैदल की. बीच-बीच में आर्मी के ट्रकों में कुछ दूर की यात्रा की, लेकिन जेब में पैसे ही नहीं थे कि बस का किराया दे सकें. चार दिनों से ठीक से खाना भी नहीं खा सके हैं. माथुर ने बताया कि अब तो इतने पैसे भी नहीं हैं कि बिहार में स्थित अपने गांव का टिकट ले सकें लेकिन यहां पर रहने से अच्छा है किसी तरह से घर पहुंच जाएं.

सुरक्षा की भी गारंटी नहीं
Loading...

इन लोगों का कहना है कि अब कश्मीर में रहना भी सुरक्षित नहीं लग रहा है. सुरजीत सिंह नाम के कारपेंटर ने बताया कि कश्मीर में सेना की सख्ती के बाद अब माहौल बदल गया है. यहां पर रहने की जगह अपने घर जाना ही सही है.

ये भी पढ़ें: उन्नाव रेप पीड़िता के खून में खतरनाक बैक्टीरिया, 7 में से 6 एंटीबायोटिक बेअसर

मायावती के निशाने पर अब अखिलेश के यादव वोटर, मुसलमानों और ब्राह्मणों को भी साधा
First published: August 9, 2019, 9:40 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...