एक मिनट में पांच गोलियां, तीन निशाने और फिर... ये है दरवेश हत्याकांड की पूरी कहानी

पुराने साथी रहे मनीष और दरवेश के बीच पिछले कुछ महीनों से आपसी रंजिश थी जिसके बारे तो सभी को पता था, लेकिन मनीष के अंदर इतना गुस्सा भरा है और उसके इरादे इतने खतरनाक हैं ये किसी ने सोचा नहीं था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 13, 2019, 12:57 PM IST
एक मिनट में पांच गोलियां, तीन निशाने और फिर... ये है दरवेश हत्याकांड की पूरी कहानी
दरवेश यादव दो दिन पहले ही यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं. (फाइल)
News18 Uttar Pradesh
Updated: June 13, 2019, 12:57 PM IST
आगरा दीवानी कचहरी के वकील अरविंद मिश्रा के चेंबर में बुधवार करीब पौने तीन बजे का वक्त था, तभी एक मिनट के भीतर पांच गोलियां चलीं. गोली चलाने वाला वकील मनीष शर्मा था और उसके निशाने पर थीं तीन जिंदगियां. पहला निशाना थी आगरा की तेज-तर्रार वकील और दो दिन पहले यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं दरवेश यादव, दूसरा उनका रिश्तेदार मनोज यादव और तीसरा खुद मनीष शर्मा. पहली गोली मनोज पर चली और वो बचते हुए नीचे लेट गया. फिर दनादन तीन गोलियां दरवेश को मारी गईं. पांचवीं गोली मनीष ने खुद अपनी कनपटी पर मार ली.

चंद मिनटों में हुई इस ख़ूनी वारदात ने वहां मौजूद लोगों को सन्न कर दिया. होश आया तो दरवेश और मनीष खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे. खुद को संभालते हुए सहयोगियों ने दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दरवेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि आरोपी मनीष कोमा में है.



मनीष के इरादे खतरनाक हैं किसी को नहीं पता था
मनीष और दरवेश की कुछ महीनों से चल रही आपसी रंजिश के बारे सभी को पता था, लेकिन उसके अंदर इतना गुस्सा भरा है और इरादे इतने खतरनाक हैं कि जिसका किसी को नहीं पता था. सब कुछ इतना अचानक हुआ कि सभी हैरान रह गए. बुधवार को दीवानी कचहरी परिसर में दरवेश का स्वागत समारोह था. सभी वकील, न्यायिक अधिकारी उनका स्वागत कर रहे थे, लेकिन उनमें मनीष नहीं था. इसके बाद साथी वकीलों ने मनीष को फोन किया और कहा कि गिले-शिकवे अपनी जगह हैं. तुम आओ मिल-जुलकर बात करेंगे तो समस्या का हल निकलेगा. इसके बाद मनीष वहां आया लेकिन गुस्से से लबरेज होकर. वो अपनी लाइसेंसी पिस्टल में गोलियां भरकर आया था.

पिछले साल जब दरवेश यादव बार काउंसिल की उपाध्यक्ष चुनी गई थीं तो हत्यारा मनीष (बाएं ब्लैक जैकेट में) उनके विजय जुलूस में शामिल था.


पहली गोली मनोज के ऊपर
चश्मदीदों के मुताबिक मनीष गुस्से में था और तेज बोल रहा था. दरवेश, मनीष को समझा रही थीं. इस बीच दरवेश के रिश्तेदार मनोज ने उसे बीच में टोकते हुए कहा, तुम्हारा व्यवहार ठीक नहीं है. उसका इतना भर बोलना था कि मनीष ने अपनी पिस्टल निकल ली और ये बोलते हुए फायर कर दिया कि तुझे छोडूंगा नहीं. गोली चलते ही मनोज नीचे बैठ गया जिससे गोली उसे नहीं लगी.
Loading...

दूसरी, तीसरी और चौथी गोली दरवेश को लगी
मनोज पर गोली चलते ही दरवेश चिल्लाई, लेकिन मनीष रुका नहीं. उसने एक के बाद एक तीन गोलियां चला दीं. एक गोली दरवेश के सिर में लगी और दो सीने पर जिससे वो वहीं गिर पड़ीं.

पांचवीं गोली खुद को मारी
दरवेश को तीन गोलियां मारने के बाद आरोपी मनीष ने पांचवीं गोली खुद की कनपटी से सटा कर मार ली. यह गोली कानपटी को चीरती हुई सिर के दूसरी तरफ से निकल गई. वो फिलहाल कोमा में है. उसे आगरा से दिल्ली रेफर कर दिया गया है.

ये भी पढ़ें: आगरा: यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव को साथी वकील ने मारी गोली, मौत

दरवेश यादव ने दो दिन पहले ही यूपी बार काउंसिल में रचा था इतिहास

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsAppअपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...