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आगरा और मथुरा में सांसों पर संकट गहराया, 3 दिनों से धुंध की घनी चादर ने बढ़ाईं मुश्किलें  

आगरा और मथुरा में सांसों पर संकट गहराया, 3 दिनों से धुंध की घनी चादर ने बढ़ाईं मुश्किलें  

ताज नगरी हवा की रफ्तार कम होने की वजह से 3 दिनों से भयंकर प्रदूषण की चपेट में है.

ताज नगरी हवा की रफ्तार कम होने की वजह से 3 दिनों से भयंकर प्रदूषण की चपेट में है.

दीपावली के बाद से देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति विकराल रूप धारण कर चुकी है. ताजनगरी आगरा (Agra) और मथुरा (Mathura) में भी प्रदूषण की स्थिति बहुत खतरनाक हो गई है. दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार खतरनाक बना हुआ है. इससे सांस संबंधी बीमारियों के मरीज बहुत परेशान हैं. लोग आंखों में प्रदूषण और धूल के कण जाने से जलन होने, पानी आने और खुजली होने की शिकायते कर रहे हैं. प्रदूषण के कारण बच्चों के साथ-साथ टीबी के मरीजों की स्थिति बहुत खराब हो गई है. टीबी वार्ड में भर्ती 20 मरीजों को 100 प्रतिशत ऑक्सीजन के सपोर्ट पर रखा गया है.

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आगरा. भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा (Mathura) और ताजमहल के शहर आगरा (Agra) में भयंकर वायु प्रदूषण (Air Pollution) के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. दोनों शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. आगरा में लगातार 3 दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के आसपास है, जिसकी वजह से अस्थमा के मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक आगरा में हालात गम्भीर हैं. आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में 4881 में से 940 मरीज धूल और धुएं के शिकार होकर ओपीडी में डॉक्टरों से परामर्श लेने पहुंचे.

सांस और दमा के मरीजों की हालत बेहद खराब थी. अस्थमा के 2 मरीजों सहित कुल 7 मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा. नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ डॉक्टर शेफाली मजूमदार ने बताया कि आंखों में धूल के कण जाने से लोगों को आंखों में जलन, पानी आने और खुजली की परेशानी हो रही है. बच्चों को इससे सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है. मेडिकल कॉलेज के टीबी वार्ड में 20 मरीज फुल ऑक्सीजन पर हैं. प्रदूषण की वजह से मरीजों के गले में खराश, दर्द होना, सूजन जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. तमाम बच्चों के टांसिल में सूजन आ गई है. इसके अलावा एलर्जी का भी दुष्परिणाम सामने आ रहा है.

धूल और कार्बन जैसे तत्वों के त्वचा की ऊपरी सतह पर चिपक जाने से त्वचा में खुजली हो रही है. आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने का कोई स्थानीय कारण नहीं है. विभागों को निर्माण स्थलों पर पानी के छिड़काव लगातार करने के निर्देश दिए गए हैं. स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किया जा रहा है कि प्रदूषण का स्तर कम हो. बीते 24 घंटों में आगरा शहर में वायु गुणवत्ता का स्तर (AQI) सबसे खतरनाक स्तर 486 रहा. 5 वर्षों के बाद आगरा की हवा इतनी ज्यादा खराब हुई है.

ताजमहल के साथ-साथ आगरा के सभी स्मारकों के ऊपर प्रदूषण की वजह से धुंध की घनी चादर छाई हुई है. ताजमहल 100 मीटर दूर से भी स्पष्ट नहीं नजर आ रहा है. ताज नगरी हवा की रफ्तार कम होने की वजह से 3 दिनों से भयंकर प्रदूषण की चपेट में है. उधर भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में भी लगातार एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर बना हुआ है, जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Tags: Agra news, Air pollution, Air Quality Index AQI, Mathura news, Pollution AQI Level, Up news in hindi, Up news live, UP news updates

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