लाइव टीवी

आगरा: डॉक्टर से 52 लाख रुपए की फिरौती वसूली की लीपापोती में फंसे अफसरों के छूटे पसीने
Agra News in Hindi

Himanshu Tripathi | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 11, 2020, 11:08 AM IST
आगरा: डॉक्टर से 52 लाख रुपए की फिरौती वसूली की लीपापोती में फंसे अफसरों के छूटे पसीने
आगरा आईजी ने शुरू की जांच

बता दें 10 दिसंबर 2019 को डॉक्टर का अपहरण मथुरा हाईवे थाना क्षेत्र से हुआ था. अपराधियों ने ढाई घंटे गाड़ी में घुमाने के बाद डॉक्टर के परिजन से 52 लाख की फिरौती वसूली थी.

  • Share this:
आगरा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) मंडल के मथुरा (Mathura) जनपद के मशहूर डॉक्टर के अपहरण (Doctor Abduction Case) में 52 लाख रुपए की फिरौती (Ransom) वसूल किए जाने के मामले की लीपापोती पर पुलिस (Police) के कई अफसर फंसते नजर आ रहे हैं. बता दें 10 दिसंबर 2019 को डॉक्टर का अपहरण मथुरा हाईवे थाना क्षेत्र से हुआ था. अपराधियों ने ढाई घंटे गाड़ी में घुमाने के बाद डॉक्टर के परिजन से 52 लाख की फिरौती वसूली थी. अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद डॉक्टर ने खामोशी साधी ली थी. डॉक्टर ने अपने कुछ खास लोगों को यह बात बताई और धीरे-धीरे मामले की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई. पुलिस टीमें लगी तो मामले में कई पेंच फंस गए.

सूत्र बताते हैं कि इस मामले में मेरठ के एक अपराधी को पकड़कर पुलिस ने फिरौती में उक्त अपराधी के हिस्से की 15 लाख की रकम वापस करा दी. इतने हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने एफआईआर तक नहीं दर्ज की. मामला एडीजी लॉ एंड आर्डर के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसकी जांच आगरा के आईजी को सौंप दी. आईजी ने 10 पुलिस अफसरों को नोटिस जारी किया तो चार ने सोमवार को अपने अपने बयान दर्ज कराए.

सीओ रिफाइनरी न्यूज 18 की टीम देख भागे

आगरा के आईजी सतीश गणेशन ने इस मामले में मथुरा के एसएसपी शलभ माथुर, मथुरा एसपी सिटी, एसपी क्राइम, मथुरा के सीओ रिफाइनरी सहित दस पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को बयान दर्ज करने के लिए तलब कर लिया. आईजी आगरा ने जब शिकंजा कसा तो चार अफसर सुबह ही आईजी कार्यालय पहुंच गए. मथुरा के सीओ रिफाइनरी न्यूज 18 का कैमरा देख भागते नजर आये. न्यूज 18 के कैमरे के सामने सीओ रिफाइनरी चुप्पी साधे रहे. हाईप्रोफाइल मामले में मथुरा के वह डॉक्टर भी आईजी कार्यालय पहुंचे जिनका अपहरण हुआ था. डाक्टर अपनी गेरुवे रंग की कार से आईजी से मिलने के बाद वापस चले गए.

पूरे मामले में जिस तरह से जांच शुरू हुई है उससे मथुरा पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है. आखिर इस मामले की एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई? पूरे मामले की लीपापोती क्यों की गई? जैसे सवालों का जवाब देने में पुलिस अफसरों के पसीने छूट रहे हैं.

एसपी क्राइम, सीओ रिफाइनरी से सात घंटे पूछताछ

मथुरा के हाईप्रोफाइल डॉक्टर अपहरण कांड की लीपापोती को लेकर मथुरा के एसपी क्राइम और सीओ रिफाइनरी से आईजी कार्यालय में सात घंटे से अधिक समय तक विभिन्न पहलुओं पर जांच टीम ने पूछताछ की. दोनों अफसरों ने अपने-अपने बयान दर्ज कराये. मथुरा के ही हाईवे थाने में तैनात सिपाही विनोद ने भी जांच टीम के समक्ष अपने बयान दिए. पुलिस अधिकारी जब जांच टीम को अपने बयान दर्ज करा रहे थे तभी मथुरा के वह डॉक्टर भी पहुंचे जिनका अपहरण किया गया था. आईजी ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. डॉक्टर बेहद डरे हुए थे, लेकिन उन्हें अब तक कोई सुरक्षा भी नहीं मुहैया कराई गई है.

ये भी पढ़ें:

अयोध्या में राम मंदिर का रास्ता तैयार, लेकिन मस्जिद की जमीन को लेकर रार

बुलंदशहर भूमि मुआवजा घोटाले की जांच CBI को, कई IAS, PCS अफसर रडार पर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए आगरा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 11, 2020, 11:08 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर