Home /News /uttar-pradesh /

agra news the first 90 year old power house of agra is going to be destroyed forever know interesting stories related to it

Agra news:-हमेशा के लिए मिटने जा रहा है 90 साल पुराना आगरा का पहला पावर हाउस,जानिए इससे जुड़े रोचक किस्से

आगरा

आगरा बिजलीघर चौराहे पर स्थित पहला बिजलीघर स्टेशन

आगरा का पहला पावर हाउस भी अंग्रेजों की ही देन रहा है.इसके साथ ही आगरा बिजलीघर चौराहे का नाम भी आगरा के पहले पावर हाउस के नाम पर ही पड़ा है.आगरा का सबसे व्यस्ततम चौराहा बिजली घर चौराहा है.इस पहले पावर हाउस के बनने के अलावा उससे कई दिलचस्प किस्से भी जुड़े हैं, इस वीडियो में ह?

अधिक पढ़ें ...

    रिपोर्ट:- हरि कांत शर्मा,आगरा

    अंग्रेजों ने हमारे देश पर राज करने के साथ-साथ देश को कई सारी टेक्नोलॉजी भी दी.आगरा का पहला पावर हाउस भी अंग्रेजों की ही देन रहा है.इसके साथ ही आगरा बिजलीघर चौराहे का नाम भी आगरा के पहले पावर हाउस के नाम पर ही पड़ा है.आगरा का सबसे व्यस्ततम चौराहा बिजली घर चौराहा है.इस पहले पावर हाउस के बनने के अलावा उससे कई दिलचस्प किस्से भी जुड़े हैं, इस वीडियो में हम आपको पावर हाउस बनने की पूरी कहानी बताएंगे.

    1933 में बनाया गया था आगरा में पहला पावर हाउस
    जिस जगह को हम बिजली घर चौराहे के नाम से जानते हैं दरअसल वहां पर एक पावर हाउस हुआ करता था.जिसे अंग्रेजों ने 1933 में बनाया था.1933 से पहले आगरा में बिजली सप्लाई अलीगढ़ के हरदुआगंज व हरिद्वार से हुआ करती थी.अंग्रेजों ने आगरा में जॉन्स मिल बनाया और जॉन मिल बनाने के साथ-साथ बिजली की डिमांड बढ़ने लगी.उस दौर में बिजली उत्‍पादन क्षेत्र में अग्रणी कलकत्‍ता( कोलकाता) में बेस्‍ड मार्टिन बर्न कंपनीहुआ करती थी.जिसके पास आगरा में बिजली सप्लाई की जिम्मेदारी थी.जिस जगह पर आज बिजली घर चौराहा है उसके ठीक बगल में ही पहला पावर हाउस बनाया गया और सबसे पहले थॉमसन हॉस्टल को बिजली से जगमगाया गया था.आज भी बिजली घर चौराहे पर पहले पावर हाउस का कबाड़ पड़ा हुआ है.बिजली घर की विशालकाय गगनचुंबी चिमनी इसकी बुलंद इमारत की गवाही देती है.

    40 साल पहले हमेशा के लिए खामोश हो गया पावर हाउस
    आगरा के वरिष्ठ पत्रकार वल्का निवासी बस्ती राजीव सक्सेना बताते हैं कि 40 साल पहले आगरा का पहला पावर हाउस हमेशा के लिए खामोश हो गया.ताजमहल के आसपास के क्षेत्र को TTZ (Taj Trapezium zone) घोषित कर दिया गया.इस क्षेत्र में कोई भी और औद्योगिक कारखाने नहीं लगाए जा सकते.ताज की सुरक्षा को देखते हुए 40 साल पहले हमेशा के लिए इसे बंद कर दिया गया.अब इस जगह पर केवल और केवल कबाड़ मौजूद है.लेकिन यह कबाड़ भी कुछ ही दिनों का मेहमान है क्योंकि इस कबाड़ को उठाकर यहां आगरा का पहला भूमिगत रेलवे मेट्रो स्टेशन बनाया जा रहा है.

    सेठ अचल सिंह के घर लगा था बिजली का पहला कनेक्शन
    आगरा में पहला पावर हाउस स्टेशन बनने के बाद में बेलन गंज निवासी सेट अचल सिंह के घर बिजली का पहला कनेक्शन लगाया गया था.हालांकि अंग्रेज बड़ी आसानी से लोगों को बिजली के कनेक्शन दे रहे थे लेकिन उस वक्त लोगों को डर था कि कहीं बिजली से जान चली जाए और इसी डर की वजह से लोग बिजली का कनेक्शन लेने से डरते थे.उस वक्त आगरा में बिजली ठीक करने वाले इंजीनियर और मजदूर भी कोलकाता से बुलाए गए थे.अब यह विरासत हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दफन होने जा रही है. क्योंकि इस कबाड़ को उठाकर यहां पर मेट्रो का भूमिगत स्टेशन बनाया जा रहा है.

    1978 में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सभा में बिजली घर के सायर ने डाला था ख़लल
    वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना बताते हैं कि ये किस्सा 1978 का है जब देश के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई आगरा के रामलीला मैदान में पहुंचे थे.इस रैली को विरोध का सामना करना पड़ा.विरोधियों में कुछ कर्मचारी बिजली घर के कर्मचारी थे.जैसे ही रामलीला मैदान में मोरारजी देसाई का भाषण शुरू हुआ वैसे ही कई बार आगरा के पावर हाउस का सायरन जानबूझकर कर बजाय गया था.यह कई बार हुआ जिसकी वजह से प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को बीच में ही उन्हें अपना भाषण बंद करना पड़ा था.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर