आगरा: बिना अनुमति के सब्जी बेचने पर दर्ज होगी FIR, दो विक्रेताओं में COVID-19 की पुष्टि
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आगरा: बिना अनुमति के सब्जी बेचने पर दर्ज होगी FIR, दो विक्रेताओं में COVID-19 की पुष्टि
लॉकडाउन में कई लोग सब्जियों को स्टोर करके रख रहे हैं.

COVID-19: रविवार को फ्रीगंज इलाके में एक सब्जी बेचने वाले में कोरोना की पुष्टि हुई थी. इसके बाद चमन लाल बाड़ा इलाके को सील करते हुए 2000 लोगों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया.

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आगरा. उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े कोरोना हॉटस्पॉट (Corona Hot Spot) ताज नगरी आगरा में बढ़ते पॉजिटिव मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने और सख्ती बढ़ा दी है. अब शहर में सब्जी व दूध बेचने के लिए अनुमति लेनी होगी. बिना अनुमति के सब्जी या दूध बेचने पर एफआईआर (FIR) दर्ज होगी. रविवार को दो सब्जी विक्रेताओं में कोरोना वायरस (Coronavirus) की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है. साथ ही शहर की तीन सब्जी मंडियों को भी बंद कर दिया गया है.

दरअसल, रविवार को फ्रीगंज इलाके में एक सब्जी बेचने वाले में कोरोना की पुष्टि हुई थी. इसके बाद चमन लाल बाड़ा इलाके को सील कर दिया गया. साथ ही 2000 लोगों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया. इसके बाद देर रात एक और सब्जी विक्रेता में संक्रमण की पुष्टि हुई. विजय नगर क्षेत्र में सब्जी विक्रेता में संक्रमण की पुष्टि मिलने के बाद हड़कंप मच गया. उसके बाद जिला प्रशासन ने बिना अनुमति के सब्जी या दूध बहकने पर प्रतिबंध लगा दिया. साथ ही कहा गया है कि बिना अनुमति के सब्जी या दूध बेचने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी.

मेडिकल स्टोर कर्मी भी संक्रमित
फ़व्वारा इलाके में दवा के थोक विक्रेता के एक कर्मी में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद शहर के मेडिकल स्टोर संचालक सहमे हुए हैं. आगरा में अब तक 255 लोग कोरोना पाजिटिव हुए हैं. इनमें 92 लोग तबलीगी जमात से जुड़े हैं या फिर उनके संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं. अब तक जिले में 6 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है, जबकि 18 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं.
लॉकडाउन में बेचने लगा था सब्जी


बताया जा रहा है कि संक्रमित मरीज ऑटो चलाता था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह सब्जी बेचने लगा था. बीमार पड़ने पर जब उसका कोरोना टेस्ट हुआ तो वह पॉजिटिव पाया गया. अब जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करने की है. फिलहाल इलाके के 2000 लोगों को एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह संक्रमित कैसे हुआ. सवाल यह भी है कि अगर वह ऑटो चलाने के दौरान संक्रमित हुआ तो वह सवारी कौन थी? उसे खोजना भी एक चुनौती है. साथ ही वह किन-किन लोगों के सम्पर्क में आया इस पर भी जिला प्रशासन को माथापच्ची करनी होगी.

(इनपुट: हिमांशु त्रिपाठी)

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