आगरा हादसे के बाद खड़े हुए कई सवाल, ख़तरनाक ड्राइविंग और एजेंसियों की लापरवाही जान पर भारी!

यमुना एक्सप्रेसवे पर कार में जिन्दा जलकर पांच की मौत

यमुना एक्सप्रेसवे पर कार में जिन्दा जलकर पांच की मौत

Agra Yamuna Expressway Accident: देश के अलग-अलग हिस्सों में हर साल लगभग डेढ़ लाख लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवां देते हैं. इनमें से ज्यादातर हादसे हाईवे पर होते हैं. आगरा में हुआ ताजा हादसा इस बात को पुख्ता करता है कि जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है.

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आगरा. आगरा (Agra) में यमुना एक्सप्रेसवे (Expressway) पर हुए सड़क हादसे (Road Accident) ने एक बार फिर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि लगातार हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है. सवाल ये भी है कि क्या जिम्मेदार एजेंसियां ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करा पा रही हैं या फिर ड्राइविंग सीट पर बैठे लोगों की खतरनाक़ ड्राइविंग कहर बन रही है.

देश के अलग-अलग हिस्सों में हर साल लगभग डेढ़ लाख लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवां देते हैं. इनमें से ज्यादातर हादसे हाईवे पर होते हैं. आगरा में हुआ ताजा हादसा इस बात को पुख्ता करता है कि जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है. कैंटर से टक्कर के बाद कार में आग लगी और पांच लोग जिंदा जल गये. यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में किसकी लापरवाही है और कौन जिम्मेदार है ये तो जांच के बाद पता चलेगा लेकिन लगातार हो रहे हादसे बताते हैं कि कैसे बेकाबू रफ्तार काल बन रही है.

पिछले कुछ दिनों में हुए हादसे और उनके पीछे की वजहों को जानकर पता चलता है कि कहीं ड्राइवर की लापरवाही तो कहीं सड़क मानकों के मुताबिक नहीं थी. या कहीं मरम्मत चल रही थी. एक्सप्रेस-वे पर तो ज्यादातर हादसे ओवरस्पीडिंग की वजह से हो रहे हैं. यूपी में हुए कुछ ताजा हादसों पर नजर डालते हैं.

यूपी में बड़े हादसे जो लोगों के लिए काल बन गये
22 दिसम्बर आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर कैंटर से टकराकर कार में 5 लोग जिंदा जले. 22 दिसम्बर कानपुर देहात में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बस-ट्रक से टकराई, 11 यात्री घायल. 19 दिसम्बर नोएडा में थाना दनकौर क्षेत्र के निकट यमुना एक्सप्रेस-वे पर डंपर अनियंत्रित होकर रोडवेज बस से टकराया, बस में सवार 17 लोग घायल हो गए. 16 दिसम्बर संभल में एनएच-509 पर रोडवेज बस और गैस कैप्सूल वाले कंटेनर में टक्कर में 8 की मौत. 11 दिसम्बर- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार की देर रात एक कार रेलिंग तोड़ती हुई खाई में गिरी, 3 लोगों की मौत. 10 दिसम्बर - मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर टायर फटने से दो कारों के बीच टक्कर, 3 लोगों की दर्दनाक मौत, 8 घायल 18 दिसम्बर - आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर डीसीएम पलटी, व्यापारी की मौत, 5 घायल। 30 नवम्बर - उन्नाव में आगरा एक्सप्रेस वे पर कार डिवाइडर से टकराई, रायबरेली की थानेदार समेत 5 लोग घायल। 28 नवम्बर ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित कार रोडवेज बस में घुसी, हादसे में 4 लोगों की मौत. 22 नवम्बर- उन्नाव में डबल डेकर बस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर पलटी, 30 यात्री घायल. 9 नवम्बर को नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक के बाद आपस में टकराईं 8 गाड़ियां, 2 की मौत, 7 घायल

जानकार ये कहते हैं 

रोड सेफ्टी को लेकर जागरूकता अभियान चलाने वाले लखनऊ के समाजसेवी आशुतोष सोति कहते हैं कि एक्सप्रेस-वे पर वाहनों में रफ्तार ज्यादा होती है. वाहन चालकों को पहिए में हवा की जगह नाइट्रोजन इस्तेमाल करना चाहिए जिससे टायर फटने की सम्भावना कम होती है. खतरनाक ड्राइविंग रोकने के लिए पैट्रोलिंग बढ़ाई जानी चाहिए. नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई कर मौके पर ही जुर्माना वसूलना चाहिए. आम लोगों को जागरूक होने के साथ -साथ सख्ती भी जरूरी है.



लखनऊ से लेकर आगरा और आगरा से नोएडा तक एक्सप्रेस वे पर स्पीड लिमिट तय कर दी गई है लेकिन क्या ये कदम काफी है. हादसों की संख्या और वजहों को देखकर तो कम से कम ऐसा नहीं लगता है. बहरहाल यूपीडा और एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ही नहीं NHAI और देश में हाइवे संचालन में जुटी अन्य एजेंसियों को भी हादसों में कमी लाने के लिये ठोस प्लान बनाकर सख्ती से अमल करना होगा.
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