वाजपेयी के गांव का हाल- खंडहर हो गया उनका मकान, उजड़ चुका है मोहल्‍ला

आखरीबार वाजपेयी दिसम्बर 2003 में गए थे. मौका था अपने गांव बटेश्वर में शुरु हो रही नई रेल लाइन को झंडी दिखाने का.

नासिर हुसैन
Updated: August 16, 2018, 10:29 PM IST
वाजपेयी के गांव का हाल- खंडहर हो गया उनका मकान, उजड़ चुका है मोहल्‍ला
फाइल फोटो- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी.
नासिर हुसैन
नासिर हुसैन
Updated: August 16, 2018, 10:29 PM IST
मोहब्बत की नगरी आगरा से पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का गहरा नाता था. आखिरी बार वाजपेयी दिसम्बर 2003 में गए थे. मौका था अपने गांव बटेश्वर में शुरू हो रही नई रेल लाइन को झंडी दिखाने का. वाजपेयी का ये गांव यूपी के बीहड़ में स्थित है. आज भी गांव में उनके भतीजे का परिवार रहता है.

आगरा निवासी समाजसेवी समी आगई बताते हैं कि इस वक्त गांव में वाजपेयी जी के भतीजे 69 वर्षीय रमेश चंद्र वाजपेयी और उनकी पत्नी रहते हैं. गांव में एक मोहल्ले का नाम वाजपेयी के नाम पर वाजपेयी मोहल्ला रखा हुआ है. बटेश्वर के ही रहने वाले संतोष रामजी ने बताया कि वाजपेयी मोहल्‍ले में 90 के दशक तक रौनक रहती थी.

यहीं से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति शुरू की थी. लेकिन अब वाजपेयी मोहल्‍ला उजड़ चुका है. अटल जी का घर खंडहर बन चुका है. इनके घर के आस-पास कई परिवार रहते हैं. लेकिन पढ़ाई-लिखाई और अच्छे रोजगार के चलते वाजपेयी मोहल्‍ले का परिवार शहरों में चला गया. ज्‍यादातर लोग तो कभी लौटकर ही नहीं आए.

बटेश्वर को तीर्थस्थल नहीं, बल्कि तीर्थराज कहा जाता है. वह इसलिए, क्योंकि यहां आस्था के केंद्र 101 शिव मंदिर हैं. मंदिर के घाटों को छूती यमुना यहां विपरीत दिशा में बहती हैं. पानीपत के तीसरे युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए हजारों मराठों की स्मृति में मराठा सरदार नारू शंकर ने बटेश्वर में एक विशाल मंदिर का निर्माण कराया था, जो आज भी है. लेकिन 2003 के बाद अटल बिहारी वाजपेयी का दोबारा से गांव में जाना नहीं हुआ.
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